Fino Payments Bank के लिए दूसरी तिमाही चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी ने **₹20.90 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में बैंक **₹15.35 करोड़** के मुनाफे में था।
कमाई पर दबाव और गिरता रेवेन्यू
बैंक की फाइनेंशियल सेहत पर दबाव साफ दिख रहा है। समीक्षाधीन तिमाही में बैंक की कुल इनकम घटकर ₹333.62 करोड़ रह गई है, जो पिछले साल इसी दौरान ₹400.05 करोड़ थी। छमाही (H1 FY27) आंकड़ों पर नजर डालें, तो बैंक ने ₹34.62 करोड़ का कुल नुकसान दर्ज किया है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में ₹33.11 करोड़ का मुनाफा हुआ था।
स्मॉल फाइनेंस बैंक की तैयारी
इस कठिन दौर में बैंक का पूरा फोकस अपनी रणनीति को बदलने पर है। बैंक Reserve Bank of India से मिले 'इन-प्रिंसिपल' अप्रूवल के बाद Small Finance Bank में तब्दील होने की प्रक्रिया में जुटा है। हालांकि, इस ट्रांजिशन में कंसल्टेशन की भारी लागत और एग्जीक्यूशन रिस्क शामिल है।
लीडरशिप में बदलाव
बैंक फिलहाल अंतरिम (Interim) प्रबंधन के भरोसे चल रहा है। केतन मर्चेंट इस समय अंतरिम CEO हैं, जबकि अनूप अग्रवाल अंतरिम CFO की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पूर्व MD और CEO ऋषि गुप्ता के इस्तीफे के बाद से स्थायी नेतृत्व की तलाश अभी भी निवेशकों के लिए एक बड़ा सवाल बनी हुई है।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए अब स्थायी C-suite लीडरशिप की नियुक्ति और स्मॉल फाइनेंस बैंक लाइसेंसिंग माइलस्टोन्स पर नजर रखना जरूरी होगा। कंपनी मुनाफे में वापसी के लिए क्या रणनीति अपनाती है, यह आने वाले क्वार्टर्स में तय करेगा कि मार्केट का सेंटीमेंट कैसा रहता है।
