Fino Payments Bank के अक्टूबर 2026 के आंकड़े मिले-जुले रहे हैं। जहां एक तरफ बैंक के लोन रेफरल में **316%** का भारी उछाल आया है और डिपॉजिट्स **₹3,044 करोड़** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, वहीं नए अकाउंट खुलने की रफ्तार में **19%** की गिरावट चिंता का विषय है।
लोन और डिपॉजिट में दमदार प्रदर्शन
बैंक के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, लोन रेफरल डिस्बर्सल पिछले साल के ₹72 करोड़ से बढ़कर इस साल ₹301 करोड़ तक पहुंच गया है। डिपॉजिट्स के मोर्चे पर भी कंपनी ने इतिहास रचते हुए पहली बार ₹3,000 करोड़ का आंकड़ा पार किया और 17 अक्टूबर को यह ₹3,044 करोड़ के शिखर पर रहा। यह प्रदर्शन बैंक के 'स्मॉल फाइनेंस बैंक' (Small Finance Bank) बनने की राह में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
कहां दिख रही है सुस्ती?
बैंक का पारंपरिक पेमेंट मॉडल इस बार दबाव में दिखा। ट्रांजैक्शन थ्रूपुट (Transaction throughput) 18% गिरकर ₹3,541 करोड़ पर आ गया है। इसके अलावा, नए अकाउंट खोलने की गति में 19% की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके तहत अक्टूबर में कुल 2,29,765 नए खाते ही खुल पाए। बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि यह ट्रेंड जारी रहता है, तो भविष्य में क्रॉस-सेलिंग के अवसर सीमित हो सकते हैं।
मजबूती के संकेत
सब कुछ खराब नहीं है; कैश मैनेजमेंट सर्विसेज (CMS) का प्रदर्शन अक्टूबर 2024 के बाद का सबसे बेहतर रहा है और इसका थ्रूपुट ₹7,514 करोड़ दर्ज किया गया। साथ ही, डिजिटल रूप से एक्टिव कस्टमर बेस में 12% की बढ़त देखी गई है, जो कुल 65.1 लाख तक पहुंच गया है।
