Fino Payments Bank ने जुलाई 2026 के लिए लोन बांटने (loan disbursals) में 304% की जबरदस्त सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹241 करोड़ तक पहुँच गई है। बैंक स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) में बदलने की तैयारी कर रहा है और इसी के चलते अब वह लोन देने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। साथ ही, कंपनी ने अपना B2B UPI बिजनेस बंद कर दिया है। ग्राहकों के डिपॉजिट में भी 12% की बढ़त देखी गई, जो ₹2,766 करोड़ हो गए।
Fino Payments Bank के लोन बांटने में तूफानी तेजी!
Fino Payments Bank ने जुलाई 2026 के लिए अपने नतीजों में लोन बांटने (loan disbursals) के मामले में 304% की शानदार सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। यह आंकड़ा ₹241 करोड़ तक पहुँच गया है। इसके साथ ही, बैंक के कुल डिपॉजिट में भी 12% की वृद्धि हुई है, जो अब ₹2,766 करोड़ हो गए हैं।
SFB में बदलने की तैयारी और बिजनेस में बदलाव
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है जब Fino Payments Bank स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) में बदलने की प्रक्रिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बैंक अब लोन देने वाले बिजनेस मॉडल पर ज्यादा फोकस कर रहा है, क्योंकि इसमें ज्यादा मुनाफा मिलने की उम्मीद है। इसी रणनीति के तहत, कंपनी ने अपना B2B UPI प्रोडक्ट बिजनेस बंद करने का फैसला किया है।
ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में गिरावट चिंता का सबब
हालांकि, लोन बांटने में तेजी अच्छी खबर है, लेकिन ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 25% की गिरावट चिंता का विषय है। जुलाई 2026 में यह घटकर ₹3,074 करोड़ रह गया। B2B UPI बिजनेस से बाहर निकलने का मतलब है कि अब बैंक इस सेगमेंट से कमाई नहीं कर पाएगा। निवेशकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि क्या लोन से होने वाली ज्यादा कमाई, ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में आई कमी और बंद हुए बिजनेस की भरपाई कर पाएगी।
आगे क्या?
बैंक अब RBI के तय समय-सीमा में SFB बनने के लिए लोगों, टेक्नोलॉजी, प्रक्रियाओं और गवर्नेंस पर पूरा ध्यान दे रहा है। लोन बांटने में लगातार बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि कंपनी की नई रणनीति सही दिशा में आगे बढ़ रही है। अब यह देखना अहम होगा कि बैंक अपने कोर बिजनेस को मजबूत करते हुए SFB ट्रांजिशन को कितनी सफलतापूर्वक पूरा करता है।
