Fino Payments Bank का प्रदर्शन: मई 2026
Fino Payments Bank ने मई 2026 के लिए लोन रेफरल के जरिए पैसा बांटने और जमा राशि में शानदार ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन इसके ट्रांजेक्शन बिजनेस थ्रूपुट (Transaction Business Throughput) में बड़ी गिरावट आई है। यह सब बैंक के स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) में बदलने की रणनीति का हिस्सा है।
क्या हुआ?
मई 2026 में, Fino Payments Bank ने पिछले साल के मुकाबले लोन रेफरल के जरिए बांटे गए पैसे में 186% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो कि ₹210 करोड़ रहा। वहीं, बैंक की औसत कुल जमा राशि 10% बढ़कर ₹2,762 करोड़ हो गई। नए अकाउंट खोलने की संख्या में भी 29% का इजाफा हुआ और यह 2.93 लाख तक पहुंच गई। डिजिटल रूप से एक्टिव कस्टमर्स की संख्या 19% बढ़कर 62.6 लाख हो गई।
क्यों यह मायने रखता है?
यह परफॉर्मेंस दिखाता है कि बैंक अपनी लायबिलिटी फ्रेंचाइजी (Liability Franchise) बनाने और सुरक्षित लोन एसेट्स (Secured Lending Assets) बढ़ाने की दिशा में सही जा रहा है, जो कि SFB बनने के लिए बहुत जरूरी कदम हैं। ट्रांजेक्शन थ्रूपुट में आई गिरावट बैंक की सोची-समझी रणनीति को दर्शाती है।
ट्रांजेक्शन में भारी गिरावट
वहीं दूसरी ओर, बैंक के ट्रांजेक्शन बिजनेस थ्रूपुट में 48% की भारी गिरावट आई और यह ₹2,546 करोड़ रह गया। B2B डिजिटल थ्रूपुट तो शून्य रहा, जबकि मई 2025 में यह ₹3,527 करोड़ था। मैनेजमेंट का कहना है कि UPI में इंडस्ट्री-वाइड बदलाव और ज्यादा भरोसेमंद मर्चेंट्स पर फोकस करने की वजह से यह गिरावट आई है।
आगे क्या?
बैंक अब अपने डिजिटल पेमेंट्स सेगमेंट को दोबारा व्यवस्थित कर रहा है, क्योंकि वह स्मॉल फाइनेंस बैंक बनने की ओर बढ़ रहा है। जमा और लोन रेफरल में ग्रोथ से पता चलता है कि कोर बैंकिंग फंक्शन्स में अच्छी प्रगति हो रही है, जबकि ट्रांजेक्शन वॉल्यूम में कमी जानबूझकर किया गया एक ऐसा कदम है जिससे ज्यादा फायदेमंद और स्थिर बिजनेस लाइन्स पर ध्यान केंद्रित किया जा सके। यह बदलाव बैंक के लंबे समय के विजन के लिए अहम है।
जोखिम
ट्रांजेक्शन थ्रूपुट और B2B डिजिटल थ्रूपुट में आई भारी गिरावट एक जोखिम पैदा करती है, अगर इसे दूसरे सेगमेंट्स से होने वाली ग्रोथ से पूरा नहीं किया गया। नए लेंडिंग इकोसिस्टम की सफलता और SFB में ट्रांजीशन बैंक के भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
