Fino Payments Bank को कर्नाटक हाई कोर्ट से एक अहम कानूनी जीत मिली है। कोर्ट ने ₹11.92 करोड़ की लीन (Lien) से जुड़े मामले में पुरानी निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया है और इसे दोबारा रिव्यू करने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
कर्नाटक हाई कोर्ट ने Fino Payments Bank के लिए एक बड़ी कानूनी राहत की खबर दी है। मामला बैंक के ₹11.92 करोड़ की राशि पर लगी 'लीन' (Lien) का है, जिसे क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने एक जांच के दौरान फ्रीज कर दिया था। मार्च 2026 में सेशंस कोर्ट ने बैंक की याचिका खारिज कर दी थी, जिसे अब हाई कोर्ट ने दरकिनार करते हुए नए सिरे से सुनवाई के आदेश दिए हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह आदेश?
यह विवाद बैंक के मर्चेंट्स से जुड़ी एक जांच का हिस्सा है। बैंक ने शुरू से ही स्पष्ट किया है कि उनके किसी भी कर्मचारी की इस घटना में कोई भूमिका नहीं रही है। हाई कोर्ट ने सेशंस कोर्ट को यह निर्देश दिया है कि वे मामले की फिर से समीक्षा करें और हाई कोर्ट की टिप्पणियों को ध्यान में रखें।
आगे क्या होगा?
अगले 8 हफ्तों का समय काफी अहम है। सेशंस कोर्ट को इसी समय-सीमा के भीतर बैंक की याचिका पर फिर से विचार करना होगा। निवेशकों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि क्या बैंक का यह ₹11.92 करोड़ का फंड अनफ्रीज होगा या कानूनी प्रक्रिया और लंबी खिंचेगी।
