Fino Payments Bank ने FY26 के अपने नतीजे जारी किए हैं। बैंक का रेवेन्यू **₹1,587.9 करोड़** रहा है। कंपनी अब 'स्मॉल फाइनेंस बैंक' (SFB) बनने की प्रक्रिया में है, जिसके कारण मुनाफे पर थोड़ा असर पड़ा है, लेकिन डिपॉजिट में **28%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बड़े बदलावों का साल
Fino Payments Bank के लिए FY26 बदलावों का साल रहा है। बैंक को दिसंबर 2025 में RBI से स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) बनने के लिए 'इन-प्रिंसिपल' अप्रूवल मिल चुका है। साथ ही, बैंक ने जनवरी 2026 में अपने कोर बैंकिंग ऑपरेशंस को 'Finacle' प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक माइग्रेट कर लिया है।
क्यों कम हुआ मुनाफा?
बैंक अब अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रहा है। मैनेजमेंट जानबूझकर कम मार्जिन वाले बिजनेस जैसे 'Domestic Money Transfer' (DMT) और माइक्रो-ATM से हट रहा है। इसी कारण सालाना रेवेन्यू में 14% की गिरावट आई है। हालांकि, हाई-मार्जिन वाले बिजनेस पर फोकस करने के कारण नेट रेवेन्यू मार्जिन 530 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 36.8% पर पहुंच गया है।
नेतृत्व में बदलाव
बैंक में बड़े प्रशासनिक बदलाव हुए हैं। MD और CEO ऋषि गुप्ता ने 21 मई 2026 को रिटायरमेंट ले लिया है और केतन मर्चेंट को अंतरिम CEO के रूप में नियुक्त किया गया है।
भविष्य की राह और लक्ष्य
बैंक ने FY30 तक ₹8,000 करोड़ से ₹10,000 करोड़ के AUM (Assets Under Management) का लक्ष्य रखा है। लैंडिंग ऑपरेशंस की शुरुआत FY28 की पहली तिमाही में होने की उम्मीद है। कंपनी ने 20% से ज्यादा RoE और 4% से कम कॉस्ट ऑफ फंड्स का लॉन्ग-टर्म टारगेट तय किया है।
अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े
- औसत कुल डिपॉजिट: ₹2,576 करोड़ (28% की सालाना बढ़ोतरी)।
- EBITDA: ₹243.2 करोड़ (4% की बढ़त)।
