Finkurve Financial Services ने अपनी 42वीं AGM में भविष्य की योजनाओं का खाका रखा है। कंपनी ने शेयरधारकों से ₹5,000 करोड़ तक कर्ज लेने की मंजूरी मांगी है, साथ ही NCD जारी करने और रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन पर भी मुहर लगाने की तैयारी है।
AGM के मुख्य एजेंडे
कंपनी ने अपनी 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया, जिसकी अध्यक्षता केतन कोठारी ने की। इस दौरान 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजों को रिव्यू किया गया। राहत की बात यह है कि ऑडिटर की रिपोर्ट में कोई भी प्रतिकूल टिप्पणी नहीं दी गई है।
क्यों है यह मीटिंग खास?
कंपनी ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए कई बड़े प्रस्ताव रखे हैं:
- कर्ज की सीमा: कंपनी ने अपनी बोर्रोइंग पावर को बढ़ाकर ₹5,000 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है।
- NCD इश्यू: भविष्य की कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) जारी करने की अनुमति मांगी गई है।
- रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन: लोन और सर्विस फीस से जुड़े लेन-देन के लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजरें ई-वोटिंग के नतीजों पर टिकी हैं, जो 48 घंटे के भीतर BSE पर फाइल किए जाएंगे। इसमें हिमाद्री भट्टाचार्य की 75 वर्ष की आयु के बाद भी डायरेक्टरशिप जारी रखने और सेक्शन 186 के तहत निवेश सीमा में बदलाव जैसे 7 विशेष बिजनेस प्रस्तावों का भविष्य तय होगा। निवेशकों को सलाह है कि वे बोर्रोइंग मैंडेट पर आने वाले आधिकारिक नतीजों पर कड़ी नजर रखें।
