Finkurve Financial Services ने दमदार प्रदर्शन करते हुए अपना नेट प्रॉफिट **49.5%** बढ़ाकर **₹26.03 करोड़** पर पहुँचा दिया है। कंपनी अब मिडिल लेयर NBFC बन चुकी है और गोल्ड लोन AUM **149%** की तेजी के साथ **₹1,096.1 करोड़** हो गया है।
FY26 में कंपनी की शानदार रफ्तार
Finkurve Financial Services ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में शानदार ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 49.5% बढ़कर ₹26.03 करोड़ रहा, जबकि टोटल रेवेन्यू में 48.8% का इजाफा हुआ और यह ₹209.86 करोड़ तक पहुंच गया।
बड़ा बदलाव: मिडिल लेयर NBFC का दर्जा
कंपनी के लिए यह साल मील का पत्थर साबित हुआ है। इसका एसेट बेस ₹1,000 करोड़ के पार निकलने के बाद अब यह एक 'मिडिल लेयर NBFC' बन गई है। कंपनी ने दक्षिण भारत में अपना जाल फैलाते हुए शाखाओं की संख्या 73 से बढ़ाकर 105 कर दी है, जिससे गोल्ड लोन पोर्टफोलियो (AUM) में 149% की जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है।
भविष्य की रणनीति और फंड जुटाने की योजना
कंपनी अब बड़े विस्तार के मूड में है। आने वाली 30 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM में शेयरधारकों से कर्ज लेने की सीमा को दोगुना करके ₹5,000 करोड़ करने की मंजूरी मांगी जाएगी। साथ ही, लिक्विडिटी जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी ₹2,000 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की योजना बना रही है।
रिस्क और गवर्नेंस पर नज़र
गवर्नेंस के मोर्चे पर कंपनी ने स्वीकार किया कि XBRL फाइलिंग में एक दिन की देरी और रिकॉर्ड डेट की जानकारी देने में चूक हुई थी, जिसके लिए जुर्माना भर दिया गया है। फिलहाल, कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है ताकि इस मुनाफे को विस्तार कार्यों में लगाया जा सके। निवेशकों को Aranath Real Estate और Augmont के साथ होने वाले संबंधित पक्षों के लेन-देन (Related Party Transactions) पर नजर रखनी चाहिए।
