Federal Bank ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बैंक को S&P Global Ratings से पहली बार 'BBB-' की 'Investment Grade' क्रेडिट रेटिंग मिली है, और आउटलुक 'Stable' है। यह रेटिंग बैंक के लिए अंतरराष्ट्रीय डेट मार्केट के दरवाजे खोल देगी।
एसएंडपी ग्लोबल ने Federal Bank को पहली बार दी 'Investment Grade' रेटिंग
S&P Global Ratings ने Federal Bank को लॉंग-टर्म इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग 'BBB-' और शॉर्ट-टर्म रेटिंग 'A-3' दी है। यह पहली बार है जब बैंक को इस प्रतिष्ठित एजेंसी से 'Investment Grade' रेटिंग मिली है, और इसका आउटलुक 'Stable' यानी स्थिर रखा गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है ये रेटिंग?
यह 'BBB-' रेटिंग Federal Bank के लिए अंतरराष्ट्रीय डेट कैपिटल मार्केट में पहुंच का रास्ता खोलती है। अब बैंक Reg S / 144A बॉन्ड इश्यू करने जैसे ग्लोबल डेट मार्केट में आसानी से हिस्सा ले सकेगा, जो पहले संभव नहीं था। यह बैंक की भविष्य की फंडिंग और ग्रोथ स्ट्रेटेजी के लिए एक बहुत बड़ा कदम है।
बैंक के ट्रांसफॉर्मेशन पर मुहर
यह रेटिंग बैंक के पिछले कई सालों के ट्रांसफॉर्मेशन यानी बदलाव पर मुहर लगाती है। S&P का मानना है कि Federal Bank अब एक डिजिटल रूप से उन्नत और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी संस्थान बन गया है। एजेंसी को उम्मीद है कि बैंक का Return on Average Assets (RoAA) फाइनेंशियल ईयर 2026 के 1.1% से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2028 तक 1.3%-1.4% हो जाएगा। वहीं, नॉन-परफॉर्मिंग लोन (NPL) रेश्यो 1.7%-1.9% के बीच रहने का अनुमान है, और क्रेडिट कॉस्ट कुल लोन का 0.7%-0.8% रहेगा।
आगे क्या बदलेगा?
इस रेटिंग के बाद Federal Bank अंतरराष्ट्रीय डेट मार्केट से फंड जुटाने में और सक्षम होगा। बैंक की कुछ अहम रणनीतियों में स्टैंडर्ड चार्टर्ड इंडिया के क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो का अधिग्रहण शामिल है, जिसके 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसे बैंक अपने मौजूदा कैपिटल बफर के भीतर ही सोख लेगा। इसके अलावा, ब्लैकस्टोन-मैनेज्ड फंड्स से मिलने वाला ₹6,200 करोड़ का कैपिटल इन्वेस्टमेंट, जिसमें से ₹4,200 करोड़ फाइनेंशियल ईयर 2028 में कन्वर्ट होने हैं, बैंक की कैपिटल पोजिशन को और मजबूत करेगा।
जोखिम पर भी नजर
S&P ने कुछ जोखिमों पर भी गौर किया है। बैंक का मार्केट शेयर, लोन और डिपॉजिट दोनों में लगभग 1.2% है, जिसे मॉनिटर करने की जरूरत है। इसके अलावा, कमजोर मानसून के कारण एग्रीकल्चर-लिंक्ड पोर्टफोलियो में अस्थिरता का खतरा भी बना हुआ है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को अब स्टैंडर्ड चार्टर्ड इंडिया के क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो के इंटीग्रेशन और बैंक की रिस्क-एडजस्टेड कैपिटल (RAC) रेश्यो को 10% से ऊपर बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए, खासकर जब बैंक अपने अनुमानित लोन ग्रोथ टारगेट को पूरा करने की कोशिश कर रहा है।
