Fedbank Financial Services ने अपनी 31वीं AGM में विकास के लिए बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी है। कंपनी ने अपनी उधारी सीमा को बढ़ाकर **₹23,000 करोड़** करने और **₹2,500 करोड़** तक के NCD जारी करने की मंजूरी दे दी है, जिससे कंपनी के ऑपरेशंस को बड़ा बूस्ट मिलेगा।
AGM में लिए गए अहम फैसले
कंपनी की 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है। सबसे बड़ा फैसला उधारी सीमा को ₹18,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹23,000 करोड़ करने का है। इसके अलावा, कंपनी ने ₹2,500 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की योजना को भी मंजूरी दी है।
क्यों है यह कदम जरूरी?
यह निर्णय कंपनी के भविष्य के लोन बुक विस्तार के लिए बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, कंपनी को अपनी बैलेंस शीट में लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए ₹12,000 करोड़ तक के रिसीवेबल्स के सिक्युरिटाइजेशन (securitization) की भी अनुमति मिल गई है। इससे कंपनी की फंड जुटाने की क्षमता में काफी फ्लेक्सिबिलिटी आएगी।
प्रशासन और नेतृत्व में बदलाव
AGM में कुछ प्रशासनिक बदलाव भी किए गए:
- ऑडिट: M/s. V Sankar Aiyar & Co. को नए जॉइंट स्टैच्यूटरी ऑडिटर के रूप में नियुक्त किया गया है।
- लीडरशिप: श्री हर्ष दुगर (Harsh Dugar) को फिर से डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है।
- ESOP: कर्मचारियों के प्रदर्शन को कंपनी के ग्रोथ के साथ जोड़ने के लिए ESOP 2024 स्कीम में जरूरी बदलावों को पास किया गया है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस अतिरिक्त फंड का इस्तेमाल कैसे करती है। निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी के 'कॉस्ट ऑफ फंड्स' और लोन बुक की क्वालिटी पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कंपनी अपने ऑपरेशंस को आक्रामक तरीके से बढ़ाने की तैयारी में है।
