FDC Ltd के लिए राहत भरी खबर है। कंपनी को असेसमेंट ईयर 2012-13 और 2014-15 के लिए इनकम टैक्स विभाग से **₹37.22 करोड़** का टैक्स रिफंड मिला है।
कानूनी लड़ाई में कंपनी की जीत
मुंबई इनकम टैक्स विभाग ने FDC Ltd के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ₹37.22 करोड़ का रिफंड जारी किया है। यह रिफंड मुख्य रूप से असेसमेंट ईयर 2012-13 और 2014-15 से जुड़े टैक्स विवादों के निपटारे के बाद मिला है।
कंपनी की फाइनेंशियल सेहत पर असर
यह पैसा कंपनी के लिए एक 'वन-टाइम' कैश इनफ्लो की तरह है। इसके अलावा, इस रिफंड पर मिलने वाला ब्याज (Interest Income) भी कंपनी के प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट में जुड़ेगा। यह कदम कंपनी की नॉन-ऑपरेटिंग इनकम को बढ़ाने में मदद करेगा और पिछले एक दशक से लंबित चल रहे कानूनी मामलों का भी अंत कर देगा।
क्या था मामला?
विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब असेसिंग ऑफिसर ने कंपनी द्वारा पब्लिसिटी और 'Income Tax Act, 1961' की धारा 35(2AB) के तहत रिसर्च पर किए गए खर्चों को अस्वीकार कर दिया था। FDC Ltd ने इसे चुनौती दी थी, जिसे अब अपीलीय प्राधिकरण (Appellate Authority) ने स्वीकार कर लिया है।
निवेशकों को सलाह है कि वे आगामी तिमाही नतीजों पर नजर रखें, जहां यह रिफंड नॉन-ऑपरेटिंग इनकम के रूप में दिखाई देगा। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह मुनाफा कंपनी के मुख्य फार्मा बिजनेस की ग्रोथ से नहीं, बल्कि टैक्स एडजस्टमेंट से आया है।
