Exhicon Events Media Solutions: ₹23.95 करोड़ जुटाने की तैयारी, नए ऑडिटर की भी हुई नियुक्ति

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Exhicon Events Media Solutions: ₹23.95 करोड़ जुटाने की तैयारी, नए ऑडिटर की भी हुई नियुक्ति

Exhicon Events Media Solutions लिमिटेड शेयरधारकों की मंजूरी से **₹23.95 करोड़** जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी **500,000** वारंट्स जारी करेगी और साथ ही नए ऑडिटर की भी नियुक्ति की है।

Exhicon Events Media Solutions का बड़ा कदम

Exhicon Events Media Solutions लिमिटेड ने अपने बोर्ड की बैठक में दो अहम फैसलों को मंजूरी दी है। कंपनी 500,000 वारंट्स के तरजीही आवंटन (preferential issuance) के ज़रिए ₹23.95 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। इसके साथ ही, कंपनी ने M/s. Bilimoria Mehta & Co. को अपना नया सांविधिक ऑडिटर (statutory auditor) नियुक्त किया है। इन दोनों फैसलों को शेयरधारकों की मंजूरी के लिए आगामी एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EOGM) में रखा जाएगा।

वारंट्स से कितना फंड जुटाएगी कंपनी?

कंपनी के बोर्ड ने मोहम्मद कयम सैयद को ₹479 प्रति वारंट के भाव पर 500,000 वारंट्स जारी करने की मंजूरी दी है। इस तरजीही आवंटन से कंपनी को कुल ₹23.95 करोड़ (यानी ₹2,395 लाख) की राशि प्राप्त होने की उम्मीद है। ये वारंट्स आवंटन के 18 महीने के भीतर इक्विटी शेयरों में बदले जा सकते हैं।

नए ऑडिटर की नियुक्ति

इसके अलावा, M/s. Bilimoria Mehta & Co. को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक, यानी पांच साल की अवधि के लिए नया सांविधिक ऑडिटर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पिछले ऑडिटर, M/s. Piyush Kothari & Associates के इस्तीफे से खाली हुई आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए की गई है।

इन फैसलों का क्या होगा असर?

वारंट्स के ज़रिए फंड जुटाना Exhicon Events Media Solutions के लिए विस्तार या अन्य परिचालन ज़रूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, भविष्य में इन वारंट्स के इक्विटी में बदलने पर मौजूदा शेयरधारकों के लिए इक्विटी डाइल्यूशन (equity dilution) का खतरा भी है। वहीं, ऑडिटर का बदलना कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिहाज़ से एक अहम कदम है। निवेशक नए ऑडिटर फर्म से निरंतरता और पारदर्शिता की उम्मीद करेंगे।

आगे क्या?

निवेशकों को अब आगामी EOGM में शेयरधारकों द्वारा वारंट जारी करने और ऑडिटर नियुक्ति के प्रस्तावों पर होने वाले मतदान पर नज़र रखनी चाहिए। कंपनी के भविष्य के वित्तीय रिपोर्ट और व्यापार प्रदर्शन भी अहम रहेंगे।

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