Equitas Small Finance Bank के MD और CEO, P. N. Vasudevan ने पद छोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने अपनी बेटी की NBFC से जुड़े 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' के मुद्दों को सुलझाने के लिए यह फैसला लिया है।
बाजार में हलचल: नेतृत्व में बदलाव की तैयारी
Equitas Small Finance Bank के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को P. N. Vasudevan ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। वह तब तक अपने पद पर बने रहेंगे जब तक कि बैंक किसी उत्तराधिकारी को नहीं चुन लेता। इस दौरान बैंक की 'नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी' नए चेहरे की तलाश शुरू करेगी, जिसमें इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा।
इस्तीफे की मुख्य वजह
Vasudevan ने बताया कि उनकी बेटी की एक RBI-लाइसेंस्ड NBFC में भूमिका को लेकर निवेशकों के बीच लगातार चर्चा बनी हुई थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सब कुछ रेगुलेटरी नियमों के दायरे में है, लेकिन बाजार में इसे लेकर जो 'ओवरहैंग' था, उसे हटाने के लिए उन्होंने यह कठिन फैसला लिया। उनका मानना है कि इससे स्टॉक की वैल्यूएशन और बैंक के काम पर पड़ने वाला 'मार्केट नॉइज़' खत्म होगा।
मजबूत फाइनेंशियल नंबर्स
नेतृत्व में बदलाव के बावजूद बैंक के फंडामेंटल्स बेहद मजबूत दिख रहे हैं। सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी ने ₹218 करोड़ का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट हासिल किया है। साथ ही, बैंक ने ₹1 लाख करोड़ का कुल बिजनेस पार करके एक बड़ा मील का पत्थर भी हासिल कर लिया है।
भविष्य की राह (Strategic Roadmap)
बैंक का लक्ष्य मार्च 2031 तक डिपॉजिट और एडवांसेज में 20%+ CAGR बनाए रखना है, साथ ही 1.5% का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) टारगेट तय किया गया है। बैंक ने अपना पोर्टफोलियो भी काफी डायवर्सिफाई कर लिया है, जहाँ अनसिक्योर्ड माइक्रो-फाइनेंस अब कुल एडवांसेज का महज 10% रह गया है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नए CEO के आने के बाद बैंक अपनी स्ट्रैटेजिक ग्रोथ गाइडेंस पर कितनी मजबूती से कायम रहता है।
