Equitas Small Finance Bank की 10वीं AGM में शेयरधारकों ने ₹1,250 करोड़ की QIP और ₹500 करोड़ तक के डेट इश्यू को हरी झंडी दे दी है। इसके अलावा, वासुदेवन पी.एन. को फिर से MD और CEO नियुक्त किया गया है।
फंड जुटाने की तैयारी
बैंक ने अपनी 10वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में सभी 10 प्रस्तावों को पास कर लिया है। सबसे बड़ा फैसला फंड जुटाने को लेकर है, जहां बैंक ₹1,250 करोड़ तक की राशि 'क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट' (QIP) के जरिए जुटा सकेगा। इसके साथ ही, ₹500 करोड़ तक के डेट सिक्योरिटीज (जैसे बॉन्ड्स या NCDs) जारी करने की भी अनुमति मिल गई है।
इसका निवेशकों पर क्या असर होगा?
यह कदम बैंक की कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए उठाया गया है, जो भविष्य में ग्रोथ के लिए जरूरी है। हालांकि, QIP के जरिए शेयर जारी करने से मौजूदा शेयरधारकों के लिए 'इक्विटी डाइल्यूशन' (Equity Dilution) का जोखिम बना रह सकता है। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि बैंक कितनी राशि वास्तव में जुटाता है और इसके लिए क्या प्राइस तय किया जाता है।
मैनेजमेंट और अन्य फैसले
बोर्ड लेवल पर बड़े बदलावों की पुष्टि हुई है। वासुदेवन पी.एन. (Vasudevan P N) को फिर से 3 साल के लिए बैंक का MD और CEO नियुक्त किया गया है, जिनका कार्यकाल 23 जुलाई 2026 से 22 जुलाई 2029 तक रहेगा। साथ ही, गीता दत्ता गोयल को भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए मंजूरी दी गई है।
वोटिंग और RBI का रुख
वोटिंग रिपोर्ट के मुताबिक, Franklin Templeton Asset Management (India) प्राइवेट लिमिटेड के पास बैंक की 6.26% इक्विटी है, लेकिन RBI के नियमों के चलते उनके वोटिंग राइट्स फिलहाल 4.99% तक सीमित हैं। इस प्रक्रिया के बावजूद सभी प्रस्ताव आसानी से पास हो गए हैं।
