Equitas Small Finance Bank ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए **₹103.08 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की तुलना में **29.9%** की गिरावट दर्शाता है। हालांकि, बैंक की कुल आय **8.92%** बढ़कर **₹7,867.78 करोड़** हो गई है। भविष्य की ग्रोथ और कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए, बैंक **₹1,750 करोड़** तक की पूंजी जुटाने की योजना बना रहा है।
नतीजों पर एक नज़र
Equitas Small Finance Bank ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹103.08 करोड़ का नेट प्रॉफिट घोषित किया है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा ₹147.05 करोड़ था, जो 29.90% की सालाना गिरावट है। वहीं, FY26 में बैंक की कुल आय ₹7,867.78 करोड़ रही, जो FY25 के ₹7,223.21 करोड़ से 8.92% अधिक है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 3.44% की मामूली गिरावट आई और यह ₹1,431.49 करोड़ रहा।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
कुल आय में वृद्धि के बावजूद नेट प्रॉफिट में आई यह गिरावट बैंक के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव का संकेत देती है। ऐसे में, बैंक द्वारा प्रस्तावित ₹1,750 करोड़ की पूंजी जुटाने की योजना बेहद अहम है। इससे बैंक की कैपिटल एडिक्वेसी मजबूत होगी और भविष्य की ग्रोथ को सहारा मिलेगा, जो एक स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए बेहद जरूरी है। बैंक की एसेट क्वालिटी स्थिर बनी हुई है, जिसमें ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) 2.49% पर है।
बैंक की रणनीति
बैंक अपने ऑपरेशन्स को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। 31 मार्च, 2026 तक ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) में 22% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹46,165 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि कुल डिपॉजिट (Total Deposits) ₹46,533 करोड़ रहा। बैंक की रणनीति में डिजिटल पहलों को अपनाना और स्मॉल बिजनेस लोंस, व्हीकल फाइनेंस और हाउसिंग फाइनेंस जैसे सेगमेंट में लेंडिंग का विस्तार करना शामिल है।
आगे क्या?
बैंक अब क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹1,250 करोड़ और अनसिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹500 करोड़ तक जुटाने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ेगा। एमडी और सीईओ वासुदेवन पी.एन. (Vasudevan P N) की पुनः नियुक्ति से नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी। बैंक ने नई संयुक्त वैधानिक ऑडिटर (Joint Statutory Auditor) के तौर पर M/s. Sundaram & Srinivasan की नियुक्ति की है।
जोखिमों पर नज़र
निवेशकों को कैपिटल रेज (Capital Raise) के इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) पर पड़ने वाले प्रभाव और प्रॉफिटेबिलिटी को बढ़ाने में इसकी प्रभावशीलता पर नज़र रखनी चाहिए। ग्रोथ के बीच एसेट क्वालिटी को बनाए रखना और ऑपरेटिंग खर्चों का प्रबंधन प्रमुख चुनौतियाँ होंगी।
महत्वपूर्ण आंकड़े (31 मार्च, 2026 तक)
- ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances): ₹46,165 करोड़
- कुल डिपॉजिट (Total Deposits): ₹46,533 करोड़
- कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CRAR): 20.31%
- ग्रॉस एनपीए (Gross NPA): 2.49%
- नेट एनपीए (Net NPA): 0.68%
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को प्रस्तावित कैपिटल रेज की प्रगति और मूल्य निर्धारण, एसेट क्वालिटी के रुझान (GNPA और NNPA रेश्यो) और आने वाली तिमाहियों में बैंक की नेट प्रॉफिट मार्जिन में सुधार करने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए।
