Electrotherm (India) Ltd ने Invent Assets Securitisation & Reconstruction को **₹56 करोड़** के प्रिंसिपल और **₹3.81 करोड़** के ब्याज भुगतान में चूक की घोषणा की है। कंपनी का कुल बकाया कर्ज **₹983.98 करोड़** तक पहुंच गया है, जो गंभीर लिक्विडिटी संकट की ओर इशारा करता है।
आर्थिक संकट के संकेत
Electrotherm (India) के लिए स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर Invent Assets Securitisation & Reconstruction Private Limited को भुगतान करने में असमर्थता जताई है। यह डिफॉल्ट 30 सितंबर, 2026 की स्थिति के अनुसार है। यह कर्ज मूल रूप से Indian Bank और Punjab National Bank का था, जिसे अब Invent Assets द्वारा संभाला जा रहा है।
कर्ज का जाल (Debt Burden)
कंपनी के कुल कर्ज का आंकड़ा ₹983.98 करोड़ के स्तर पर है। बैंक और फाइनेंशियल संस्थानों के बढ़ते दबाव के बीच यह डिफॉल्ट कंपनी के कैश फ्लो और कामकाज को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है। निवेशकों के लिए यह कंपनी की सॉल्वेंसी पर एक बड़ा 'रेड फ्लैग' है।
क्या है विवाद का कारण?
कंपनी फिलहाल कई एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARCs) के साथ उलझी हुई है। रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि Rare Asset Reconstruction Limited (Indian Overseas Bank की असाइनी) से जुड़े कुछ कर्ज के आंकड़े अभी प्रोविजनल हैं, क्योंकि ये खाते NPA (Non-Performing Assets) की श्रेणी में आते हैं।
आगे क्या?
मैनेजमेंट ने माना है कि ये आंकड़े प्रोविजनल हैं और लेंडर्स से अंतिम पुष्टि का इंतजार है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के सेटलमेंट की कोशिशों और लेंडर्स के साथ होने वाली अगली बातचीत पर होनी चाहिए। भविष्य में कानूनी या रिकवरी संबंधी कार्यवाही की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
