ESAF Small Finance Bank के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। CARE Ratings ने बैंक के क्रेडिट आउटलुक को 'Negative' से बदलकर 'Stable' कर दिया है। वित्त वर्ष **2025** और **2026** के नुकसान के बाद बैंक ने Q1FY27 में मुनाफे में वापसी की है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
मुनाफे में वापसी से बढ़ा भरोसा
बैंक ने अपनी फाइनेंशियल सेहत में बड़ा सुधार दिखाया है। Q1FY27 में बैंक ने ₹80 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है, जबकि Q2FY26 में बैंक को ₹116 करोड़ का भारी नुकसान हुआ था। इस रिकवरी के पीछे बड़ा कारण खराब एसेट्स यानी NPAs की बिक्री रही। वित्त वर्ष 2026 के दौरान बैंक ने ₹1,019 करोड़ के NPA बेचे, जिससे 30 जून 2026 तक ग्रॉस NPA घटकर 5.40% पर आ गया है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
ESAF ने अपने रिस्क को कम करने के लिए लोन बुक को पूरी तरह रिस्ट्रक्चर किया है। मार्च 2024 में अनसिक्योर्ड माइक्रोफाइनेंस लोन कुल लोन का 69% थे, जो अब घटकर 38% रह गए हैं। बैंक अब अपना फोकस 'MARG' (MSME, एग्रीकल्चर, रिटेल और गोल्ड) पोर्टफोलियो पर कर रहा है, जो अब कुल एडवांसेज का 56% हिस्सा है।
इन चुनौतियों पर रखें नज़र
हालांकि आउटलुक सुधरा है, लेकिन कुछ चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं:
- कैपिटल: बैंक की गियरिंग अभी भी ज्यादा है, ऐसे में वित्त वर्ष 2027 में आने वाला इक्विटी कैपिटल रेज बैंक की ग्रोथ के लिए बेहद अहम होगा।
- जियोग्राफिकल रिस्क: बैंक का डिपॉजिट बेस अभी भी केरल पर काफी निर्भर है। कुल डिपॉजिट का 71% और ब्रांच नेटवर्क का 40% हिस्सा केरल में है, जो एक बड़ा रिस्क फैक्टर है।
- क्रेडिट कॉस्ट: Q1FY27 में क्रेडिट कॉस्ट 3.1% रही है, जिसे नियंत्रित रखना बैंक के मुनाफे के लिए जरूरी है।
निवेशकों को अब बैंक के आगामी इक्विटी जुटाने की प्रक्रिया पर पैनी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यही बैंक की भविष्य की बैलेंस शीट विस्तार की नींव रखेगा।
