Dreamfolks Services के निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। मुंबई की अपील अथॉरिटी ने कंपनी के खिलाफ चल रहे **₹1.48 करोड़** के टैक्स डिमांड को रद्द कर दिया है, जो फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के ITC से जुड़ा था।
राहत की खबर
Dreamfolks Services ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि Commissioner of CGST & Central Excise (Appeals-II), मुंबई ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है। इस फैसले के साथ ही Assistant Commissioner, Division-VI, मुंबई ईस्ट द्वारा 31 अगस्त, 2024 को जारी किया गया पिछला आदेश अब अमान्य हो गया है।
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के दौरान कंपनी द्वारा फाइल किए गए GSTR-3B और GSTR-2A रिटर्न्स में कथित विसंगतियों से जुड़ा था। टैक्स अधिकारियों का आरोप था कि कंपनी ने गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम किया था। इस नोटिस के तहत ₹1.35 करोड़ का टैक्स और ₹13.5 लाख की पेनल्टी लगाई गई थी, साथ ही ब्याज भी मांगा गया था।
निवेशकों के लिए क्या है मतलब?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का कोई नेगेटिव फाइनेंशियल असर नहीं पड़ेगा। चूंकि डिमांड को ही सेट-असाइड (खारिज) कर दिया गया है, इसलिए अब कंपनी को कोई भी अतिरिक्त टैक्स या पेनल्टी भरने की जरूरत नहीं है। इस फैसले से कंपनी की रेगुलेटरी उलझनें दूर हो गई हैं और कामकाज पर भी इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
