शेयरहोल्डर और क्रेडिटर मीटिंग का ऐलान
Dr Agarwals Eye Hospital Ltd. ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के निर्देशानुसार, अपने इक्विटी शेयरहोल्डर्स और अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स के लिए 2 जुलाई, 2026 को चेन्नई के The Music Academy में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा Dr. Agarwal’s Eye Hospital Limited का Dr. Agarwal’s Health Care Limited के साथ प्रस्तावित मर्जर (Scheme of Amalgamation) को मंजूरी देना है।
मीटिंग का टाइम-टेबल
कंपनी ने दोनों समूहों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया है। शेयरहोल्डर्स की मीटिंग सुबह 9:00 बजे होगी, जबकि क्रेडिटर्स की मीटिंग दोपहर 11:30 बजे से शुरू होगी।
मर्जर क्यों ज़रूरी है?
यह मर्जर कंपनी के कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (corporate restructuring) प्लान का एक अहम हिस्सा है, जो कंपनीज़ एक्ट, 2013 की धारा 230 से 232 के तहत आता है। शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स की मंजूरी के बिना यह मर्जर आगे नहीं बढ़ सकता।
वोटिंग की प्रक्रिया
इच्छुक निवेशक 7 जून, 2026 से 1 जुलाई, 2026 तक रिमोट ई-वोटिंग (remote e-voting) के ज़रिए अपना मत दे सकते हैं। साथ ही, 2 जुलाई, 2026 को होने वाली फिजिकल मीटिंग में भी सीधे पहुंचकर वोटिंग की जा सकती है। जिन निवेशकों के ईमेल रजिस्टर्ड नहीं हैं, उन्हें कंपनी द्वारा डाक से वोटिंग निर्देश भेजे गए हैं।
क्या हैं जोखिम?
इस मर्जर की सबसे बड़ी चुनौती शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स का फैसला है। यदि आवश्यक बहुमत से मर्जर स्कीम को मंजूरी नहीं मिलती है, तो यह योजना अधूरी रह जाएगी।
आगे क्या?
निवेशकों को अब वोटिंग के नतीजों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। कंपनी और NCLT से मर्जर की मंजूरी की स्थिति को लेकर आने वाली किसी भी नई घोषणा पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
