नए प्रमोटरों की एंट्री और ओपन ऑफर का प्लान
मिस्टर अमरेंद्र रेड्डी कोठा (Mr. Amarandhar Reddy Kotha) और मिस्टर मल्लोर राजेश कुमार (Mr. Mallour Rajesh Kumar) अब Dolphin Medical Services Ltd में 26% हिस्सेदारी हासिल करने जा रहे हैं। यह डील एक ओपन ऑफर (Open Offer) के जरिए होगी, जिसमें वे ₹4.80 प्रति शेयर का भाव देंगे। इस हिसाब से कुल ₹1.88 करोड़ में 39,25,988 शेयर खरीदे जाएंगे, जो कंपनी की कुल वोटिंग कैपिटल का 26% है।
इसके अलावा, 20.95% हिस्सेदारी के लिए एक अलग शेयर परचेज एग्रीमेंट (Share Purchase Agreement) भी हुआ है, जिसका डील साइज ₹0.57 करोड़ है। एस्क्रो अकाउंट (Escrow Account) के लिए ₹0.47 करोड़ की राशि भी तैयार रखी गई है।
यह ओपन ऑफर 9 जुलाई 2026 से 22 जुलाई 2026 तक चलेगा। ऑफर पूरा होने के बाद, ये दोनों एक्वायरर्स Dolphin Medical Services के नए प्रमोटर बन जाएंगे।
स्ट्रेटेजिक इरादे और शेयरधारकों की चिंताएं
यह अधिग्रहण Dolphin Medical Services के मैनेजमेंट और कंट्रोल में बड़े बदलाव का संकेत है। नए प्रमोटर कंपनी के बिजनेस एक्टिविटीज (Business Activities) को बढ़ाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiencies) को बेहतर बनाने का इरादा रखते हैं।
लेकिन, निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता यह है कि कंपनी के शेयरों पर फिलहाल ट्रेडिंग का प्रतिबंध (Trading Restriction) लगा हुआ है। बकाया राशि का भुगतान न करने के कारण लगे सस्पेंशन (Suspension) की वजह से ये शेयर सिर्फ सोमवार को ही ट्रेड हो पाते हैं। इससे शेयरों की लिक्विडिटी (Liquidity) पर काफी असर पड़ता है।
फाइनेंशियल हेल्थ (Financial Health)
31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए, Dolphin Medical Services ने कुल ₹78.69 लाख का रेवेन्यू (Revenue) और ₹4.19 लाख का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Net Profit After Tax) दर्ज किया था। कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) ₹1,008.14 लाख थी।
भविष्य की दिशा और जोखिम (Future Direction and Risks)
अगर ओपन ऑफर सफल रहता है, तो मिस्टर कोठा और मिस्टर कुमार नए प्रमोटर बनेंगे और संभवतः नए बिजनेस एक्सपेंशन (Business Expansion) की रणनीतियों के साथ कंपनी को आगे बढ़ाएंगे। हालांकि, ट्रेडिंग प्रतिबंध और सस्पेंशन का जोखिम अभी भी बना हुआ है। इस अधिग्रहण का पूरा होना मौजूदा प्रमोटरों के री-क्लासिफिकेशन (Re-classification) और अन्य रेगुलेटरी अप्रूवल (Regulatory Approvals) पर भी निर्भर करेगा।
अहम तारीखें और आंकड़े
- फाइनेंशियल ईयर: FY26
- कुल रेवेन्यू: ₹78.69 लाख
- नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स: ₹4.19 लाख
- नेट वर्थ: ₹1,008.14 लाख
- ओपन ऑफर साइज: 39,25,988 शेयर (26%)
- ऑफर प्राइस: ₹4.80 प्रति शेयर
- कुल ओपन ऑफर कंसीडरेशन: ₹1.88 करोड़
- टेंडरिंग पीरियड: 9 जुलाई 2026 – 22 जुलाई 2026
- संभावित डील कंप्लीशन: 5 अगस्त 2026 तक
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को ओपन ऑफर की प्रगति और 5 अगस्त 2026 तक इसके पूरा होने का इंतजार करना चाहिए। शेयर ट्रेडिंग सस्पेंशन के हटने की दिशा में होने वाले डेवलपमेंट (Developments) भी भविष्य की लिक्विडिटी और निवेश क्षमता का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
