Dolphin Medical Services में मैनेजमेंट कंट्रोल बदलने वाला है। मिस्टर कोठा और मिस्टर कुमार प्रमोटरों से **20.95%** हिस्सेदारी खरीद रहे हैं, जिससे पब्लिक शेयरधारकों के लिए **26%** का ओपन ऑफर खुला है। यह ऑफर **₹4.80** प्रति शेयर पर खुला है।
Detailed Coverage
मैनेजमेंट कंट्रोल में बड़ा बदलाव
मिस्टर अमरेंद्र रेड्डी कोठा और मिस्टर मल्लोर राजेश कुमार ने डॉल्फिन मेडिकल सर्विसेज लिमिटेड (Dolphin Medical Services Ltd) के मौजूदा प्रमोटरों, मिस्टर गुडे वेंकट मोहन प्रसाद और मिस्टर लक्ष्मी सुधा माधवला से 20.95% हिस्सेदारी खरीदने का सौदा किया है। इस डील के कारण अब कंपनी के पब्लिक शेयरधारकों के लिए 26% हिस्सेदारी खरीदने का एक मैंडेटरी ओपन ऑफर (Open Offer) खुल गया है।
शेयरधारकों के लिए क्या है खास?
यह अधिग्रहण डॉल्फिन मेडिकल सर्विसेज में मैनेजमेंट कंट्रोल के बदलाव का संकेत देता है। ₹4.80 प्रति शेयर के भाव पर खुला ओपन ऑफर, पब्लिक शेयरधारकों को प्रमोटरों की खरीद कीमत से प्रीमियम पर बाहर निकलने का मौका दे रहा है। खरीदार कंपनी के मौजूदा बिजनेस ऑपरेशंस को जारी रखने का इरादा रखते हैं।
कंपनी की आर्थिक स्थिति
आपको बता दें कि 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए, डॉल्फिन मेडिकल सर्विसेज ने ₹4.19 लाख का मुनाफा दर्ज किया था। यह पिछले दो साल यानी FY25 में ₹3.38 लाख और FY24 में ₹10.40 लाख के नेट लॉस से एक बड़ा सुधार है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू ₹75.01 लाख रहा।
आगे क्या होगा?
ओपन ऑफर के सफल समापन के बाद कंपनी में एक नया कंट्रोलिंग ब्लॉक उभरेगा। खरीदार हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक सर्विसेज पर कंपनी के फोकस को बनाए रखने की योजना बना रहे हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि, निवेशकों को कुछ बड़े जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। वार्षिक लिस्टिंग फीस का भुगतान न करने के कारण डॉल्फिन मेडिकल सर्विसेज के शेयरों में फिलहाल सिर्फ सोमवार को ही ट्रेडिंग की जा सकती है। इसके अलावा, कंपनी 15 अप्रैल 2026 से एन्हांस्ड सर्विलांस मेजर (ESM) फ्रेमवर्क के तहत भी है। फिलहाल ट्रेडिंग सस्पेंशन को हटाने के लिए एक रिक्वेस्ट प्रोसेस में है।
महत्वपूर्ण आंकड़े
- SPA प्राइस (प्रमोटर हिस्सेदारी खरीद): ₹1.80 प्रति शेयर (20.95% हिस्सेदारी)
- ओपन ऑफर प्राइस: ₹4.80 प्रति शेयर (26% हिस्सेदारी)
- कुल विचार (पूरी स्वीकृति पर): ₹1.88 करोड़
- ट्रेडिंग प्रतिबंध: केवल सोमवार को
- ESM फ्रेमवर्क: 15 अप्रैल 2026 से लागू
आगे क्या देखें?
बाजार की नजर ओपन ऑफर के नतीजों और कंपनी द्वारा ट्रेडिंग सस्पेंशन को हटवाने और ESM फ्रेमवर्क से बाहर निकलने की कोशिशों पर रहेगी। साथ ही, लंबित वैधानिक बकाया (statutory dues) का समाधान सामान्य ट्रेडिंग को फिर से शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
