Diamond Power Infrastructure अपने QIP (Qualified Institutions Placement) के जरिए फंड जुटाने की लिमिट को ₹1,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ करने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेने जा रही है। इसके लिए कंपनी पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरधारकों से राय लेगी। इस कदम का मकसद ग्रोथ को फंड करना, कैपिटल बेस को मजबूत करना और CIRP के बाद मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नॉर्म्स को पूरा करना है।
Diamond Power Infrastructure का बड़ा ऐलान: QIP लिमिट ₹2,000 करोड़ तक
Diamond Power Infrastructure Ltd. ने अपने शेयरधारकों से मंजूरी लेने के लिए एक पोस्टल बैलेट प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। कंपनी अपनी Qualified Institutions Placement (QIP) के जरिए फंड जुटाने की मौजूदा लिमिट ₹1,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ करना चाहती है।
क्या है नया कदम?
कंपनी एक स्पेशल रेजोल्यूशन पास करने के लिए पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें रिमोट ई-वोटिंग का ही प्रावधान है। इस रेजोल्यूशन का मुख्य उद्देश्य QIP के जरिए फंड जुटाने की अधिकृत लिमिट को काफी बढ़ाना है। QIP एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत कंपनियां इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स से कैपिटल जुटाती हैं।
क्यों अहम है यह फैसला?
यह कदम कंपनी की भविष्य की ग्रोथ और फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग के लिए कैपिटल मार्केट तक पहुंचने की मंशा को जाहिर करता है। बढ़ी हुई QIP लिमिट कंपनी को स्ट्रेटेजिक पहलों को आगे बढ़ाने, सब्सिडियरी में निवेश करने और अपने कर्ज को मैनेज करने के लिए ज्यादा फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करेगी। यह खासकर कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के बाद महत्वपूर्ण है।
जानिए पूरी कहानी
Diamond Power Infrastructure ने पहले 17 दिसंबर 2025 को एक स्पेशल रेजोल्यूशन के जरिए ₹1,000 करोड़ की QIP लिमिट को अधिकृत किया था। अब कंपनी इस क्षमता को लगभग दोगुना करके ₹2,000 करोड़ करने का प्रस्ताव रख रही है।
आगे क्या होगा?
अगर शेयरधारकों से मंजूरी मिल जाती है, तो कंपनी QIP के जरिए ₹2,000 करोड़ तक फंड जुटाने के लिए अधिकृत हो जाएगी। इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी तुरंत फंड जुटाएगी, बल्कि यह बोर्ड को तब कदम उठाने के लिए सशक्त बनाता है जब मार्केट की स्थितियां अनुकूल हों या रणनीतिक जरूरतें सामने आएं। जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल निवेश, कैपिटल एक्सपेंडिचर, कर्ज घटाने और वर्किंग कैपिटल के लिए किया जाएगा।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
शेयरधारकों को भविष्य में होने वाले किसी भी QIP इश्यू के समय और प्राइसिंग पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इससे उनके मौजूदा होल्डिंग्स में डाइल्यूशन (शेयरों का बंटवारा) हो सकता है। कंपनी को मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की जरूरतों को पूरा करना भी सुनिश्चित करना होगा।
वोटिंग का शेड्यूल
शेयरधारकों के लिए रिमोट ई-वोटिंग की अवधि 20 जून 2026 को सुबह 9:00 AM IST से शुरू होगी और 19 जुलाई 2026 को शाम 5:00 PM IST को समाप्त होगी। नतीजों की घोषणा 21 जुलाई 2026 तक या उससे पहले अपेक्षित है।
निवेशकों के लिए खास बात
यह कंपनी के फाइनेंशियल रिसोर्सेज को मजबूत करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे वास्तविक QIP लॉन्च, इश्यू साइज और प्राइसिंग पर आगे की घोषणाओं का इंतजार करें ताकि इसका पूरा असर समझ सकें।
