Dhyaani Tradeventtures के नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Dhyaani Tradeventtures Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू में जबरदस्त 121.6% का इजाफा हुआ और यह ₹27.22 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹12.28 करोड़ था।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
लेकिन, कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Net Profit After Tax) 72.7% तक गिर गया। FY26 में यह घटकर महज ₹0.0678 करोड़ रह गया, जो FY25 में ₹0.2481 करोड़ था। वहीं, कंपनी की कुल संपत्ति 23.9% बढ़कर ₹74.07 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹59.76 करोड़ थी।
रेवेन्यू बढ़ा, पर क्यों गिरी मुनाफा?
कंपनी ने अपने नतीजों में बताया है कि राइट्स इश्यू (Rights Issue) से जुटाई गई राशि का पूरी तरह से इस्तेमाल किया गया है। इसमें वर्किंग कैपिटल के लिए ₹21.47 करोड़ और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए ₹7.15 करोड़ शामिल हैं।
ऑडिटर की चिंताएं: क्या हैं जोखिम?
सबसे बड़ी चिंता ऑडिटर की रिपोर्ट में सामने आई है। ऑडिटर ने 'एम्फैसिस ऑफ मैटर' (Emphasis of Matter) सेक्शन में कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं:
- कुछ बकाया राशि की पुष्टि नहीं हुई है।
- ई-वे बिल (e-way bill) और ई-इनवॉइस (e-invoice) नियमों का पालन नहीं किया गया है।
- खरीद पर टीडीएस (TDS - Section 194Q) के नियमों का पालन नहीं हुआ है।
- पिछले दो सालों से इनकम टैक्स (Income Tax) के ₹0.45 करोड़ से ₹0.50 करोड़ बकाया हैं।
आगे क्या?
कंपनी के मैनेजमेंट को इन कंप्लायंस (compliance) से जुड़ी समस्याओं को तुरंत ठीक करना होगा। निवेशकों को कंपनी के इन मुद्दों को हल करने के प्रयासों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
