Dharni Capital Services ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई छमाही के लिए मिले-जुले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर **₹5.12 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट घटकर **₹2.07 करोड़** रह गया है।
मुनाफे पर दबाव की असली वजह
Dharni Capital Services के लिए यह छमाही मिला-जुला रही है। जहां एक ओर कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹4.46 करोड़ से बढ़कर ₹5.12 करोड़ हो गया है, यानी इसमें 14.8% की ग्रोथ दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर बॉटम लाइन पर दबाव साफ दिख रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट जो पिछले साल की समान अवधि में ₹2.31 करोड़ था, वह अब गिरकर ₹2.07 करोड़ पर आ गया है।
क्यों बढ़ी चिंता?
इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण एम्प्लॉयी बेनिफिट खर्चों (employee benefit expenses) में हुई बढ़ोतरी है। स्टैंडअलोन परफॉरमेंस की बात करें तो वहां स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण रही है, जहां रेवेन्यू ₹2.67 करोड़ से घटकर ₹1.46 करोड़ पर आ गया और प्रॉफिट ₹1.32 करोड़ से फिसलकर ₹1.09 करोड़ रह गया।
लिक्विडिटी और आगे की राह
बैलेंस शीट के आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 सितंबर, 2026 तक कंपनी के पास कंसोलिडेटेड आधार पर ₹0.20 करोड़ और स्टैंडअलोन आधार पर महज ₹0.06 करोड़ की कैश और कैश इक्विवेलेंट होल्डिंग्स बची हैं। निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि मैनेजमेंट लागत नियंत्रण (cost rationalization) पर क्या कदम उठाता है और बढ़ते खर्चों को काबू में रखने के लिए क्या रणनीति अपनाता है।
