Dharani Sugars & Chemicals ने नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (NARCL) को **₹15.09 करोड़** का प्रिंसिपल डिफॉल्ट किया है। कंपनी पर कुल बकाया कर्ज **₹338.36 करोड़** है, जो शुगर मैन्युफैक्चरर के लिए लिक्विडिटी (liquidity) की समस्या का संकेत दे रहा है।
क्या हुआ?
Dharani Sugars & Chemicals Ltd ने आधिकारिक तौर पर ₹15.09 करोड़ के प्रिंसिपल डिफॉल्ट की घोषणा की है। यह डिफॉल्ट कंपनी के लेंडर, नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) के साथ हुआ है। यह डिफॉल्ट 30 जून, 2026 को देय था।
क्यों है यह अहम?
यह खुलासा Dharani Sugars के लिए वित्तीय दबाव को दर्शाता है। प्रिंसिपल डिफॉल्ट, भले ही ब्याज का भुगतान चालू हो, एक गंभीर मामला है जो कंपनी की भविष्य में फाइनेंस जुटाने की क्षमता और समग्र वित्तीय सेहत को प्रभावित कर सकता है। ₹338.36 करोड़ के कुल बकाया कर्ज को देखते हुए, यह डिफॉल्ट निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
कंपनी पर कुल ₹338.36 करोड़ का फाइनेंशियल कर्ज बकाया है। इसमें NARCL से ₹259.17 करोड़ का लोन शामिल है, जिस पर 12% ब्याज दर है और यह 31 दिसंबर, 2029 तक मैच्योर होना है। इसके अलावा, शुगर डेवलपमेंट फंड (Sugar Development Fund) से ₹79.18 करोड़ का लोन है, जिसकी ब्याज दर 5.75% है और यह 3 अप्रैल, 2026 तक मैच्योर होगा।
आगे क्या?
निवेशकों को Dharani Sugars के वित्तीय संचार पर बारीकी से नजर रखनी होगी। यह डिफॉल्ट कंपनी की लिक्विडिटी (liquidity) की संभावित चुनौतियों का संकेत देता है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह डिफॉल्ट केवल बैंक और वित्तीय संस्थानों से लिए गए कर्ज पर है, और यह अनलिस्टेड डेट सिक्योरिटीज (unlisted debt securities) तक सीमित नहीं है।
जोखिम क्या हैं?
सबसे बड़ा जोखिम कंपनी की मौजूदा लिक्विडिटी (liquidity) और उसके कर्ज भुगतान की क्षमता है। यदि आगे भी डिफॉल्ट होते हैं या मौजूदा कर्ज को रीस्ट्रक्चर (restructure) करने में कंपनी विफल रहती है, तो इसके गंभीर वित्तीय परिणाम हो सकते हैं।
