Dhansafal Finserve ने FY26 में शानदार ग्रोथ दर्ज की, NPA में भी हुई वृद्धि
Dhansafal Finserve Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट में ज़बरदस्त उछाल देखने को मिला है।
मुख्य वित्तीय आंकड़े (Key Financial Highlights)
कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू में पिछले साल की तुलना में शानदार 151.7% की बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹4.86 करोड़ से बढ़कर ₹12.23 करोड़ हो गया है। कुल रेवेन्यू में भी 141.8% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹12.50 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट 97.4% बढ़कर ₹0.73 करोड़ हो गया, जो पिछले साल FY25 में ₹0.37 करोड़ था। अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी 50.0% का सुधार हुआ और यह ₹0.03 रहा।
पूंजी बढ़ी, मगर एसेट क्वालिटी पर चिंता
कंपनी ने 3,97,00,000 कनवर्टिबल शेयर वॉरंट्स के कन्वर्जन को पूरा किया। इस ट्रांज़ैक्शन से शेयर कैपिटल में ₹3.97 करोड़ और सिक्योरिटीज प्रीमियम में ₹13.14 करोड़ का अतिरिक्त निवेश हुआ, जिसने कंपनी की पूंजीगत आधार को काफी मजबूत किया है। इस मजबूत पूंजी निवेश और रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, एसेट क्वालिटी के इंडिकेटर्स कमजोर हुए हैं। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) लोन बुक का 1.38% हो गया, जबकि FY25 में यह 0.00% था। नेट NPA भी बढ़कर 1.24% हो गया। इसके अलावा, कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो बढ़कर 0.33 हो गया, जो पहले 0.20 था। यह बढ़त कंपनी पर बढ़े हुए वित्तीय लीवरेज को दर्शाता है।
निवेशकों की नज़र (Investor Watchlist)
निवेशक अब Dhansafal Finserve की रणनीति पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि कंपनी इन नए पहचाने गए क्रेडिट रिस्क को कैसे मैनेज करती है और बढ़े हुए लीवरेज का भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन पर क्या असर पड़ता है। आने वाली तिमाहियों में, तेज रेवेन्यू ग्रोथ की स्थिरता के साथ-साथ NPA मैनेजमेंट कितना प्रभावी रहता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
