Dhanlaxmi Cotex के FY26 नतीजों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का मुनाफा पिछले साल के **₹579.47 लाख** से गिरकर मात्र **₹8.38 लाख** रह गया है। साथ ही, ऑडिटर्स ने कंपनी के NBFC दर्जे पर सवाल उठाए हैं।
मुनाफे में भारी गिरावट
Dhanlaxmi Cotex के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का टोटल रेवेन्यू भी घटकर ₹1,470.36 लाख पर आ गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹2,066.09 लाख था। मुनाफे में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य कारण 'अदर इनकम' (Other Income) में कमी को बताया गया है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और रेगुलेटरी रिस्क
कंपनी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत ऑडिटर्स की ओर से आया 'क्वालिफाइड ओपिनियन' है। ऑडिटर्स का मानना है कि कंपनी की मुख्य गतिविधियां—जैसे शेयरों की खरीद-बिक्री और लोन बांटना—उसे एक Investment NBFC के दायरे में लाती हैं। चूँकि कंपनी की ये एसेट्स और इनकम 50% से ज्यादा के थ्रेशोल्ड को पार कर चुकी हैं, इसलिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के तहत कंपनी पर सख्त रेगुलेटरी और कंप्लायंस का दबाव बढ़ सकता है।
मैनेजमेंट में बदलाव और AGM अपडेट्स
कंपनी ने अपनी 40वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 29 सितंबर, 2026 को वर्चुअली बुलाई है। राहत की बात यह है कि कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है। इसके अलावा, पिछले कुछ महीनों में कंपनी का मैनेजमेंट काफी अस्थिर रहा है। दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच CFO (चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर) के पद पर लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। साथ ही, बोर्ड ने Mrs. Payal Ankur Bankda को दोबारा डायरेक्टर के पद पर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को अब रेगुलेटरी अनुपालन (Compliance) से होने वाली लागत और RBI की संभावित सख्ती पर नजर रखनी होगी। कंपनी में चल रही ऑपरेशनल अस्थिरता और मैनेजमेंट में बार-बार हो रहे बदलाव कंपनी के लिए लॉन्ग टर्म में रिस्क पैदा कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि कंपनी अपनी परफॉरमेंस सुधारने और RBI के सवालों के जवाब देने के लिए क्या कदम उठाती है।
