Dev Accelerator Ltd: कंपनी ने जुटाए ₹35 करोड़, प्रमोटर्स और Infibeam को जारी किए वॉरंट और शेयर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Dev Accelerator Ltd: कंपनी ने जुटाए ₹35 करोड़, प्रमोटर्स और Infibeam को जारी किए वॉरंट और शेयर

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Dev Accelerator Ltd ने अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी प्रेफरेंशियल इश्यू के ज़रिये करीब **₹35 करोड़** जुटाने जा रही है। इसमें प्रमोटर्स को वॉरंट (Warrants) और Infibeam Projects Management को इक्विटी शेयर (Equity Shares) जारी किए जाएंगे। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने ऑपरेशंस और ग्रोथ के लिए करेगी।

कैसे जुटाए जाएंगे पैसे?

कंपनी के बोर्ड ने करीब ₹35 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दे दी है। इस इश्यू के तहत 33,33,330 कन्वर्टिबल वॉरंट प्रमोटर्स को और 44,44,440 इक्विटी शेयर Infibeam Projects Management Private Limited को अलॉट किए जाएंगे। कंपनी ने दोनों सिक्योरिटीज के लिए ₹45 प्रति यूनिट का प्राइस तय किया है, जिसमें ₹2 फेस वैल्यू और ₹43 का प्रीमियम शामिल है।

क्यों है यह अहम?

इस कैपिटल इनफ्यूज़न से Dev Accelerator Ltd को अच्छी-खासी लिक्विडिटी मिलेगी, जिसका इस्तेमाल कंपनी अपने बिजनेस ऑपरेशंस और भविष्य की ग्रोथ योजनाओं के लिए करेगी। इस प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट से कंपनी का कुल इश्यूड और पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल बढ़ेगा। इसके अलावा, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए Grant Thornton Bharat LLP को इंटरनल ऑडिटर और M/s. Murtuza Mandorwala & Associates को पांच साल के लिए सेक्रेटेरियल ऑडिटर के तौर पर नियुक्त किया है।

क्या होगा बदलाव?

अलॉटमेंट के बाद कंपनी के शेयर कैपिटल में वृद्धि होगी। कुल इक्विटी शेयर 9,01,87,515 से बढ़कर 9,46,31,955 हो जाएंगे। वॉरंट इश्यू से ₹3.75 करोड़ का एडवांस भुगतान कंपनी को तुरंत मिल गया है, जबकि बाकी की रकम अगले 18 महीनों में वॉरंट कन्वर्जन पर मिलने की उम्मीद है। Grant Thornton Bharat LLP और M/s. Murtuza Mandorwala & Associates की नियुक्ति से कॉर्पोरेट गवर्नेंस में भी सुधार की उम्मीद है।

संभावित जोखिम

नए शेयर और वॉरंट के भविष्य में इक्विटी में बदलने की संभावना को देखते हुए मौजूदा शेयरधारकों के हिस्से का डाइल्यूशन (Dilution) हो सकता है। निवेशकों को इस बात पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए कि जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल ग्रोथ को बढ़ावा देने में कितना प्रभावी होता है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को ₹35 करोड़ की इस पूंजी के उपयोग में कंपनी की प्रगति पर नज़र रखनी चाहिए। खास तौर पर, वॉरंट का इक्विटी शेयरों में सफल कन्वर्जन और अगले 18 महीनों में कंपनी के बिजनेस ऑपरेशंस और ग्रोथ पर इन फंड्स का असर देखना महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.