Desi Farms India ने SNA Milk और DFSU Farmer Connect को खरीदने के लिए **2.11 करोड़** से ज्यादा इक्विटी शेयर जारी किए हैं। इन शेयरों का कुल मूल्य **₹284.96 करोड़** है। यह कदम कंपनी के लिए बिना नकदी का इस्तेमाल किए ग्रोथ हासिल करने की एक बड़ी रणनीति है।
Desi Farms India: रणनीतिक अधिग्रहण के लिए प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट
2,11,07,790 इक्विटी शेयर जारी
कुल ₹284.96 करोड़ का भुगतान
मुख्य बातें: शेयर स्वैप के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ; मौजूदा शेयरधारकों के लिए डाइल्यूशन का खतरा।
क्या हुआ?
Desi Farms India Ltd ने ₹135 प्रति शेयर के भाव पर 2,11,07,790 इक्विटी शेयर जारी किए हैं, जिनकी कुल कीमत ₹284.96 करोड़ होती है। यह अलॉटमेंट किसी भी नकदी के लेन-देन के बिना, शेयर स्वैप के जरिए SNA Milk and Milk Products Limited और DFSU Farmer Connect Private Limited के अधिग्रहण के लिए किया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह?
यह कदम डेयर और फार्मर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में Desi Farms India की इनऑर्गेनिक ग्रोथ की रणनीति को दर्शाता है। शेयर स्वैप का उपयोग करके, कंपनी अपनी नकदी को बचाते हुए अपने बिजनेस का विस्तार करना चाहती है। इस अधिग्रहण से इन प्रमुख क्षेत्रों में कंपनी की मौजूदगी मजबूत होने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि
कंपनी के बोर्ड ने 4 जुलाई, 2026 को इस प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट को मंजूरी दी थी। शेयरधारकों से इस कॉरपोरेट एक्शन के लिए 20 फरवरी, 2026 को ही स्पेशल रेजोल्यूशन के माध्यम से पूर्व-अनुमति प्राप्त कर ली गई थी।
अब क्या बदलेगा?
157 निवेशकों (प्रमोटर ग्रुप सहित) को शेयर अलॉट करने के बाद, Desi Farms India अब SNA Milk and Milk Products Limited और DFSU Farmer Connect Private Limited को अपने बिजनेस में एकीकृत करेगी। नए शेयर जारी होने से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (डाइल्यूशन) कम हो जाएगी।
जोखिम
इस डील में मुख्य जोखिम 2.11 करोड़ से अधिक नए शेयर जारी होने के कारण मौजूदा शेयरधारकों की इक्विटी हिस्सेदारी का कम होना है।
इंडस्ट्री में तुलना
हालांकि फाइलिंग में किसी विशिष्ट पियर (Peer) अधिग्रहण का विवरण नहीं दिया गया है, लेकिन नकदी पर असर डाले बिना विस्तार चाहने वाली कंपनियों के लिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए शेयर स्वैप का यह तरीका आम है।
मुख्य आंकड़े
अधिग्रहण के लिए कुल ₹284.96 करोड़ का भुगतान ₹135 प्रति शेयर के भाव पर 2,11,07,790 इक्विटी शेयर जारी करके किया गया है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अधिग्रहित कंपनियों के सफल इंटीग्रेशन, प्रति शेयर आय (EPS) पर बढ़े हुए शेयर कैपिटल के प्रभाव और अधिग्रहण के बाद संयुक्त व्यापार के समग्र प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए।
