Decillion Finance अपनी 32वीं AGM 29 सितंबर, 2026 को आयोजित करेगा। कंपनी शेयर कैपिटल को बढ़ाकर **₹10 करोड़** करने और कर्ज को इक्विटी में बदलने के लिए मंजूरी मांगेगी। FY26 में कंपनी को **₹3.32 लाख** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल **₹6.60 लाख** का मुनाफा था।
क्या है कंपनी का प्लान?
Decillion Finance Limited ने अपनी 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के लिए नोटिस जारी कर दिया है। यह मीटिंग 29 सितंबर, 2026 को तय की गई है। इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शेयर कैपिटल को मौजूदा ₹3.75 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ करने का है। साथ ही, कंपनी अपने कर्ज को इक्विटी शेयर्स में बदलने की तैयारी कर रही है और ₹50 करोड़ तक की बोरिंग लिमिट बढ़ाने की मंजूरी भी मांगेगी।
क्यों है यह कदम जरूरी?
FY26 कंपनी के लिए चुनौतियों भरा रहा। पिछले साल ₹6.60 लाख के मुनाफे के मुकाबले इस साल ₹3.32 लाख का नेट लॉस हुआ है। कर्ज को इक्विटी में बदलने के प्रस्ताव से शेयरहोल्डर्स के लिए इक्विटी डाइल्यूशन का रिस्क हो सकता है, लेकिन यह कंपनी के बिगड़ते फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को सुधारने की एक कोशिश है।
मैनेजमेंट में बड़ा फेरबदल
कंपनी में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। नई टीम में सोनिया घोष (CFO) और योगेश शर्मा (CS) के साथ नीता अग्रवाल और दीक्षा शर्मा को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, जून 2026 में पिछले ऑडिटर के इस्तीफे के बाद, अब कंपनी M/s. MGSA & Company को नया स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त करने वाली है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को इक्विटी डाइल्यूशन के प्रभाव पर नजर रखनी चाहिए। क्या कंपनी इस रीस्ट्रक्चरिंग के बाद दोबारा मुनाफे की राह पर लौट पाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा। AGM के दौरान होने वाले स्पेशल रिजॉल्यूशन शेयरहोल्डिंग पैटर्न और कंपनी की भविष्य की लिक्विडिटी तय करेंगे।
