Decillion Finance Ltd ने अपनी 32वीं Annual General Meeting (AGM) सफलतापूर्वक संपन्न कर ली है। इस बैठक में लोन को इक्विटी में बदलने और ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल बढ़ाने जैसे **11** महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा की गई।
AGM के मुख्य फैसले
Decillion Finance Ltd की 32वीं AGM में कुल 11 बिजनेस प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को अपनाने के साथ-साथ डायरेक्टर जितेंद्र कुमार गोयल की फिर से नियुक्ति पर भी चर्चा की।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कॉरपोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए कंपनी ने बोर्ड में नई नियुक्तियां की हैं। श्रीमती नीता अग्रवाल और सुश्री दीक्षा शर्मा को 5 साल के कार्यकाल के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, M/s MGSA & Co. को नया स्टेट्युटरी ऑडिटर बनाया गया है।
निवेशकों के लिए क्या बदला?
कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को बेहतर बनाने और कैपिटल एडिक्वेसी (Capital Adequacy) को बढ़ाने के लिए लोन-टू-इक्विटी कन्वर्जन और बॉरोइंग लिमिट को बढ़ाने का फैसला लिया है। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और लचीलेपन में सुधार आने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों की नजरें अब 1 अक्टूबर 2026 पर टिकी हैं, जब BSE और NSDL पर फाइनल वोटिंग के परिणाम सार्वजनिक किए जाएंगे। इन नतीजों से स्पष्ट होगा कि स्पेशल रेजोल्यूशन के तहत कितने बड़े बदलावों को शेयरधारकों की पूर्ण सहमति मिली है।
