Deccan Gold Mines लिमिटेड (Deccan Gold Mines) अपने विस्तार, अन्वेषण (exploration) और कर्ज चुकाने के लिए ₹137.67 करोड़ की पूंजी जुटाने जा रही है। यह रकम मोज़ाम्बिक, स्पेन, फ़िनलैंड और भारत में चल रही परियोजनाओं में लगाई जाएगी, साथ ही किर्गिस्तान में भी निवेश किया जाएगा।
Deccan Gold Mines की ₹137.67 करोड़ जुटाने की योजना
Deccan Gold Mines ₹137.67 करोड़ का फंड जुटाने के लिए प्रेफरेंशियल इश्यू (preferential issue) लाएगी। इसमें प्रति शेयर की कीमत ₹191.90 रखी गई है। इस प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) 2 सितंबर, 2026 को आयोजित की जाएगी।
फंड का उपयोग और महत्व
कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया है कि यह फंड मुख्य रूप से कर्ज चुकाने, अन्वेषण गतिविधियों (exploration activities) को आगे बढ़ाने और रणनीतिक निवेश (strategic investments) के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह पूंजी निवेश Deccan Gold Mines को अपने वैश्विक और घरेलू खनन स्थलों पर संचालन का विस्तार करने में मदद करेगा, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
पृष्ठभूमि और जोखिम
Deccan Gold Mines अपनी खनन परियोजनाओं के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह फंड जुटाने की कवायद तब हो रही है जब कंपनी भारत में खनन पट्टों (mining leases) को लेकर महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रियाओं में फंसी हुई है। यह विवाद कंपनी के मुख्य संपत्तियों के लिए एक संभावित जोखिम बना हुआ है।
क्या बदलेगा अब?
फंड जुटाने की मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ा सकेगी। Infomerics Valuation and Rating Limited नामक एक निगरानी एजेंसी (monitoring agency) इस फंड के सही उपयोग पर नजर रखेगी, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, Mrs. Jade Gemma Devenish को अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) के रूप में नियुक्त किया गया है।
जिन जोखिमों पर नज़र रखनी चाहिए
सबसे बड़ा जोखिम अभी भी गंजाूर माइनिंग लीज (Ganajur Mining Lease) और नॉर्थ हुट्टी ब्लॉक (North Hutti Block) आवेदनों से जुड़ा कानूनी विवाद है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है, जिसके नतीजों का कंपनी की परिचालन क्षमता और संपत्ति पर गहरा असर पड़ सकता है।
संदर्भ मेट्रिक्स
- कुल जुटाई जाने वाली राशि: ₹137.67 करोड़
- इश्यू मूल्य: ₹191.90 प्रति सिक्योरिटी
- EGM की तारीख: 2 सितंबर, 2026
- Avelum Partner LLC में निवेश: ₹15 करोड़
- लोन का पुनर्भुगतान: ₹28 करोड़
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को EGM में शेयरधारकों की मंजूरी, निगरानी एजेंसी की नियुक्ति और उसके कामकाज, मोज़ाम्बिक, स्पेन, फ़िनलैंड और भारत में अन्वेषण गतिविधियों की प्रगति, और खनन पट्टे से जुड़े मुकदमे पर सुप्रीम कोर्ट के किसी भी अपडेट पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।
