Deccan Cements के शेयरधारकों ने कंपनी को ₹103 करोड़ जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह पैसा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के टर्म लोन चुकाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इस कदम से कंपनी अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
शेयरधारकों की हरी झंडी!
Deccan Cements ने अपने शेयरधारकों से ₹103 करोड़ के कॉम्पुल्सरी कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (CCDs) को प्रेफरेंशियल बेसिस पर इश्यू करने के लिए जबरदस्त समर्थन हासिल किया है। 99.99% से ज़्यादा शेयरधारकों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया। कंपनी कुल 14,40,559 CCDs इश्यू करेगी, जिनकी फेस वैल्यू ₹5 प्रति शेयर होगी और ₹710 का प्रीमियम शामिल होगा।
कर्ज का बोझ होगा कम
इस फंडरेज़िंग का मुख्य उद्देश्य स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), IFB ब्रांच, हैदराबाद के बकाया टर्म लोन को चुकाना है। 14 मई, 2026 तक, कंपनी पर ₹330.91 करोड़ का लोन बकाया था, जबकि सैंक्शन लिमिट ₹344 करोड़ थी। इस लोन को चुकाने से कंपनी के कर्ज का बोझ कम होगा और फाइनेंशियल लीवरेज में सुधार होगा।
भविष्य में क्या होगा?
इन CCDs को 18 महीने की अवधि के बाद 1:1 के रेश्यो पर इक्विटी शेयर्स में कन्वर्ट किया जा सकेगा, जिसकी कन्वर्जन प्राइस ₹715 प्रति शेयर होगी। इस कन्वर्जन के बाद, नए निवेशक कंपनी की पोस्ट-इश्यू इक्विटी कैपिटल का लगभग 9.33% हिस्सा रखेंगे। इससे कंपनी के इंटरेस्ट एक्सपेंस में कमी आने की उम्मीद है। फंड के सही इस्तेमाल पर नज़र रखने के लिए CARE Ratings Limited को मॉनिटरिंग एजेंसी नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
मौजूदा शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ी चिंता इक्विटी डाइल्यूशन की है। हालांकि, ये CCDs असुरक्षित इंस्ट्रूमेंट्स हैं, जिन्हें इक्विटी में कन्वर्ट किया जा सकता है। सीमेंट सेक्टर की कंपनियाँ अक्सर बड़े डेट लोड के साथ काम करती हैं, और Deccan Cements का यह कदम उसे अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर वित्तीय स्थिति में ला सकता है।
