Deccan Cements लिमिटेड शेयरधारकों की भारी मंजूरी के साथ, कंपल्सरी कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (CCDs) जारी करके ₹103 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इस पैसे का इस्तेमाल भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के लोन को चुकाने के लिए किया जाएगा।
Deccan Cements का बड़ा ऐलान: ₹103 करोड़ के CCDs जारी होंगे
Deccan Cements लिमिटेड ने तरजीही आधार पर कंपल्सरी कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (CCDs) जारी कर ₹103 करोड़ जुटाने की योजना का खुलासा किया है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा टर्म लोंस को चुकाने के लिए करेगी। कंपनी को इस कदम के लिए शेयरधारकों से जबरदस्त समर्थन मिला है, जिसमें एक विशेष प्रस्ताव के पक्ष में 99.9977% वोट पड़े।
क्यों है यह अहम?
इस पूंजी जुटाने का मुख्य मकसद कंपनी के कर्ज के बोझ और उससे जुड़े ब्याज खर्चों को कम करना है। कर्ज चुकाने से कंपनी की वित्तीय सेहत सुधरेगी और कैश फ्लो में भी सुधार होगा। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि CCDs के कनवर्ज़न के बाद मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी में 9.33% की इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) होगी।
जानिए पूरी कहानी
Deccan Cements अपने कर्ज की देनदारियों को संभालने के लिए यह रणनीतिक कदम उठा रही है। कंपनी का SBI से कुल बकाया लोन ₹330.91 करोड़ था (14 मई, 2026 तक)।
आगे क्या होगा?
कंपनी अब CCDs जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी, जो 18 महीनों के भीतर 1:1 के अनुपात में इक्विटी शेयरों में बदली जा सकती हैं। कनवर्ज़न के बाद, नए निवेशक कंपनी की 9.33% हिस्सेदारी रखेंगे। उम्मीद है कि इस कर्ज अदायगी से ब्याज लागत में कमी आएगी।
संभावित जोखिम
मौजूदा शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम इक्विटी डाइल्यूशन है। CCDs के शेयरों में बदलने से उनका मालिकाना हक कम हो जाएगा और भविष्य में प्रति शेयर आय (EPS) पर भी असर पड़ सकता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- जुटाई जाने वाली पूंजी: ₹103 करोड़
- उद्देश्य: SBI लोन का पुनर्भुगतान
- SBI का बकाया लोन: ₹330.91 करोड़ (14 मई, 2026 तक)
- प्रस्तावित कूपन रेट: 6% प्रति वर्ष
- कनवर्ज़न के बाद हिस्सेदारी: नए अलॉटीज़ के लिए 9.33%
निवेशकों को CCDs के सफल अलॉटमेंट और SBI लोन की समय पर अदायगी पर नज़र रखनी चाहिए। आगामी वित्तीय रिपोर्टों में कंपनी के इंटरेस्ट कवरेज रेशियो और डेट-टू-इक्विटी लेवल में सुधार पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।
