DCB Bank ने अपने आगामी AGM में शेयरधारकों के सामने ₹1,500 करोड़ तक की पूंजी जुटाने के लिए QIP और ₹1.45 प्रति शेयर के डिविडेंड का प्रस्ताव रखने की घोषणा की है।
DCB Bank का बड़ा कदम: ₹1,500 करोड़ जुटाने की तैयारी
DCB Bank ने शेयरधारकों के लिए अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) में कुछ अहम प्रस्ताव रखे हैं। बैंक ₹1,500 करोड़ तक की पूंजी Qualified Institutions Placement (QIP) के जरिए जुटाना चाहता है। इसके अलावा, ₹500 करोड़ तक के डेट सिक्योरिटीज जारी करने की भी योजना है। शेयरधारकों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹1.45 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड देने की सिफारिश की गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
बैंक इस QIP का इस्तेमाल अपनी पूंजी बढ़ाने के लिए करेगा, ताकि सिक्योर रिटेल एसेट्स, SME, मिड-कॉर्पोरेट और माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट में ग्रोथ को सपोर्ट मिल सके। इससे बैंक के रिस्क-वेटेड एसेट्स (RWAs) में ₹13,043 करोड़ तक की वृद्धि संभव हो सकती है। यह कदम बैंक की विस्तार योजना और शेयरधारकों को रिटर्न देने की रणनीति को दर्शाता है।
आगे क्या होगा?
इन प्रस्तावों को 3 जुलाई 2026 को होने वाली AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी जरूरी है। अगर मंजूरी मिल जाती है, तो बैंक की पूंजी मजबूत होगी और वह ग्रोथ के लक्ष्यों को हासिल कर पाएगा। डिविडेंड का भुगतान 12 जून 2026 की रिकॉर्ड डेट के अनुसार किया जाएगा। ऑडिटर की नियुक्ति और डायरेक्टर का रेमुनरेशन RBI की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
जोखिम पर नजर
QIP और ESOP पूल के बढ़ने से मौजूदा शेयरधारकों के लिए इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का खतरा है। QIP की प्राइसिंग और जारी किए जाने वाले शेयरों की संख्या डाइल्यूशन की सीमा तय करेगी। इसके अलावा, डायरेक्टर का रेमुनरेशन और ऑडिटर की नियुक्ति RBI की सालाना मंजूरी के अधीन है।
