DCB Bank के कॉर्पोरेट बैंकिंग हेड जयराम विश्वनाथ के इस्तीफे के बाद बैंक ने बड़े प्रशासनिक फेरबदल का ऐलान किया है। बैंक ने अपनी लीडरशिप और क्रेडिट क्वालिटी को बरकरार रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी है, जो नवंबर 2026 से प्रभावी होगी।
बैंक का मास्टर प्लान
कॉर्पोरेट बैंकिंग, कंस्ट्रक्शन फाइनेंस और SME के हेड जयराम विश्वनाथ के इस्तीफे के बाद, DCB Bank ने अपनी कार्यप्रणाली में निरंतरता बनाए रखने के लिए इंटरनल लीडर्स पर भरोसा जताया है। यह बदलाव मुख्य रूप से 10 नवंबर 2026 से लागू हो रहे हैं।
प्रमुख नियुक्तियां
बैंक ने अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी है:
- अभिजीत बोस: अब तक चीफ क्रेडिट ऑफिसर (CCO) रहे अभिजीत बोस को 'हेड ऑफ इंस्टीट्यूशनल बिजनेस' की नई जिम्मेदारी दी गई है।
- मनोज जोशी: चीफ कंप्लायंस ऑफिसर के पद से हटकर अब मनोज जोशी 'चीफ क्रेडिट ऑफिसर' की भूमिका संभालेंगे।
- शंकरशन वशिष्ठ: डिप्टी चीफ कंप्लायंस ऑफिसर से प्रमोट होकर अब शंकरशन वशिष्ठ 'चीफ कंप्लायंस ऑफिसर' होंगे। उनका कार्यकाल 3 साल का होगा।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
बैंक का यह कदम स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए है। नए नियुक्त अधिकारियों के पास दशकों का अनुभव है। मिस्टर बोस के पास 32 साल का अनुभव है, जिसमें Standard Chartered और Citibank जैसे संस्थानों का काम शामिल है। वहीं, वशिष्ठ का 23 साल का करियर Fullerton India और ICICI Bank जैसे बड़े नामों के साथ रहा है।
आगे चलकर निवेशकों को यह ट्रैक करना होगा कि इंस्टीट्यूशनल बिजनेस वर्टिकल और लोन पोर्टफोलियो की क्वालिटी पर इस बदलाव का क्या असर पड़ता है।
