DB International Stock Brokers ने अपना रिटेल ट्रेडिंग और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस **₹5 करोड़** में बेचने का फैसला किया है। कंपनी अब प्रोप्रायटरी और एल्गो ट्रेडिंग पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस बीच, Q2 FY2027 में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट घटकर **₹0.52 करोड़** रह गया है, जो पिछली तिमाही में **₹0.86 करोड़** था।
रिटेल बिजनेस से बाहर निकलने की तैयारी
कंपनी ने अपने मुख्य रिटेल ट्रेडिंग, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस को Choice Equity Broking और Choice Wealth को ट्रांसफर करने का समझौता किया है। इस डील की कुल कीमत ₹5 करोड़ तय की गई है। हालांकि, कंपनी का HNI बिजनेस (ब्रांच 1001) इसी ढांचे के अंदर बना रहेगा। इस सौदे के लिए 18 नवंबर, 2026 को होने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह सौदा कंपनी के बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव है। रिटेल ब्रोकरेज स्पेस से बाहर निकलकर, DB International अब अपना पूरा ध्यान प्रोप्रायटरी ट्रेडिंग, डेरिवेटिव्स-आधारित एल्गो रणनीतियों और इंस्टिट्यूशनल बिजनेस पर लगाना चाहती है। यह पूरी प्रक्रिया 28 फरवरी, 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है, बशर्ते इसे सभी जरूरी रेगुलेटरी और शेयरहोल्डर मंजूरियां मिल जाएं।
फाइनेंशियल प्रदर्शन पर नजर
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए कंपनी की स्टैंडअलोन कुल इनकम ₹9.68 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹7.91 करोड़ से थोड़ी बेहतर है। हालांकि, मुनाफे पर दबाव साफ देखा जा सकता है। नेट प्रॉफिट घटकर ₹0.52 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹0.96 करोड़ था। कंसोलिडेटेड स्तर पर कंपनी का मुनाफा ₹0.46 करोड़ दर्ज किया गया है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब 18 नवंबर की EGM पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि डील की अंतिम मंजूरी यहीं से मिलेगी। साथ ही, कंपनी का नए बिजनेस मॉडल में बदलाव और मार्जिन को मेंटेन रखने की क्षमता, आने वाले समय में इसके शेयर की चाल तय करेगी।
