Cubical Financial Services ने 27 नवंबर, 2026 को अपनी Extraordinary General Meeting (EGM) बुलाई है। इस बैठक में कंपनी अपनी ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को बढ़ाकर **₹47.51 करोड़** करने और **₹200 करोड़** तक उधार लेने की सीमा तय करने के प्रस्ताव पर चर्चा करेगी।
फंड जुटाने की बड़ी तैयारी
कंपनी अपने कामकाज को विस्तार देने के लिए अपनी बैलेंस शीट को मजबूत कर रही है। इस योजना के तहत, कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज अग्रवाल और डायरेक्टर अमित सरावगी से ₹15-15 करोड़ के अनसिक्योर्ड लोन लिए जाएंगे। यह लोन 'कन्वर्टिबल' प्रकृति के हैं, यानी भविष्य में इन्हें इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि इससे भविष्य में इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) हो सकता है।
कर्ज लेने की क्षमता में इजाफा
कंपनी ने अपनी उधारी की सीमा को बढ़ाकर ₹200 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही, कंपनी अपनी संपत्तियों को गिरवी रखकर फंड जुटाने की तैयारी में है, जो संकेत देता है कि आने वाले समय में कंपनी अपने क्रेडिट और बिजनेस ऑपरेशन्स को तेजी से बढ़ाना चाहती है।
बोर्ड में बदलाव और रेगुलराइजेशन
इस EGM का एक अहम हिस्सा कंपनी के बोर्ड का पुनर्गठन है। इसमें मनोज अग्रवाल और अमित कुमार सरावगी को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नियमित (Regularize) करने पर मुहर लगाई जाएगी। साथ ही, चार अन्य नॉन-एग्जीक्यूटिव मेंबर्स को भी बोर्ड में जगह मिलेगी, जिनमें तीन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर शामिल हैं।
आगे क्या देखें?
शेयरहोल्डर्स को वोटिंग के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए, खासकर इस पर कि डायरेक्टरों द्वारा दिए गए लोन का कन्वर्जन प्राइस क्या होगा। साथ ही, अगले कुछ क्वार्टर्स में कंपनी किस तरह ₹200 करोड़ की लिमिट का इस्तेमाल करती है, यह उसकी ग्रोथ की दिशा तय करेगा।
