Cubical Financial Services ने अपना कैपिटल जुटाने का प्लान पूरा कर लिया है। कंपनी ने दूसरे चरण में **5.11 करोड़** शेयर जारी किए हैं, जिसके बाद कुल इश्यू की संख्या **8 करोड़** हो गई है। यह बदलाव कंपनी के मालिकाना हक में बड़े बदलाव का संकेत है।
इक्विटी अलॉटमेंट की पूरी जानकारी
कंपनी ने दूसरे चरण में 5.11 करोड़ इक्विटी शेयर ₹2.50 प्रति शेयर की कीमत पर अलॉट किए हैं। इसके पहले 7 सितंबर, 2026 को कंपनी ने 2.89 करोड़ शेयर जारी किए थे। इस दूसरे चरण से कंपनी ने ₹12.775 करोड़ की राशि जुटाई है। बोर्ड ने मनोज अग्रवाल और अमित कुमार सरावगी को ये शेयर अलॉट किए हैं, जिसके बाद अब प्रत्येक की कंपनी में 21.42% हिस्सेदारी हो गई है।
क्यों अहम है यह कदम?
यह कदम कंपनी के मैनेजमेंट और कंट्रोल में बड़े बदलाव की शुरुआत है। SEBI (Substantial Acquisition of Shares and Takeovers) रेगुलेशंस, 2011 के तहत ओपन ऑफर पूरा होते ही मनोज अग्रवाल और अमित कुमार सरावगी को आधिकारिक तौर पर प्रमोटर के रूप में रीक्लासिफाई किया जाएगा। कंपनी को BSE से इन-प्रिंसिपल अप्रूवल और RBI से भी आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है।
निवेशकों के लिए रिस्क और आगे क्या?
शेयरधारकों को अब ओपन ऑफर की प्रक्रिया पर पैनी नजर रखनी चाहिए। प्रमोटर के तौर पर नए मैनेजमेंट का आना कंपनी की गवर्नेंस के लिए तो महत्वपूर्ण है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की रेगुलेटरी बाधा या देरी मार्केट सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती है। SEBI (ICDR) रेगुलेशंस, 2018 का पालन करना कंपनी के लिए बेहद जरूरी होगा।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ओपन ऑफर कब औपचारिक रूप से बंद होता है और प्रमोटर्स की नई लिस्टिंग कब सामने आती है।
