Cube Highways Trust ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) के प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए **₹1,150 करोड़** की भारी-भरकम राशि जुटाई है। **7.50%** के कूपन रेट और **5 साल** के टेन्योर के साथ यह कदम कंपनी के पुराने कर्ज को रिफाइनेंस करने और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने में मदद करेगा।
बड़े बैंकों ने जताया भरोसा
इस फंडरेसिंग प्रक्रिया के तहत 1,15,000 सीनियर, सिक्योर्ड NCDs जारी किए गए हैं, जिनका फेस वैल्यू ₹1,00,000 प्रति डिबेंचर है। NSE के इलेक्ट्रॉनिक बिडिंग प्लेटफॉर्म पर हुई इस नीलामी में प्रमुख बैंकिंग दिग्गजों ने दांव लगाया है। इसमें Axis Bank ने ₹550 करोड़ और ICICI Bank ने ₹600 करोड़ का निवेश किया है।
क्यों अहम है यह कदम?
यह इश्यू कंपनी के कुल ₹4,500 करोड़ के बड़े फाइनेंसिंग प्रोग्राम का एक हिस्सा है। 7.50% की ब्याज दर पर फंड जुटाने से कंपनी अपने पुराने महंगे कर्ज और कमर्शियल पेपर को रिफाइनेंस कर पाएगी। एक InvIT (Infrastructure Investment Trust) के लिए अपनी मैच्योरिटी प्रोफाइल को बेहतर बनाना कैश फ्लो मैनेजमेंट के नजरिए से बेहद जरूरी है, जिससे प्रोजेक्ट्स के मेंटेनेंस और विस्तार के लिए पर्याप्त पूंजी बनी रहे।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
हालांकि, रिफाइनेंसिंग से ब्याज का दबाव कम होगा, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि ट्रस्ट के पास रोड एसेट्स से आने वाला कैश फ्लो इतना स्थिर हो कि वे समय पर तिमाही कूपन भुगतान कर सकें। साथ ही, SPVs में होने वाले कैपिटल एक्सपेंडिचर से सही नतीजे मिलना भी उतना ही जरूरी है।
आगे क्या देखना होगा?
आने वाली तिमाहियों में कंपनी के कर्ज की लागत में कितनी गिरावट आती है और SPVs में चल रहे प्रोजेक्ट्स की रफ्तार क्या रहती है, यह देखना मुख्य होगा। इसके अलावा, क्रेडिट रेटिंग और डेट कोवेनेंट्स का पालन कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ को मापने का पैमाना बनेगा।
