Crescentis Capital Ltd ने बोर्ड मीटिंग में **₹80 करोड़** तक जुटाने के लिए राइट्स इश्यू (Rights Issue) को मंजूरी दे दी है। कंपनी अब इसके लिए जरूरी रेगुलेटरी प्रक्रिया शुरू कर रही है।
राइट्स इश्यू का गणित
कंपनी ने ₹10 करोड़ के फेस वैल्यू वाले फुली पेड-अप इक्विटी शेयरों के जरिए ₹80 करोड़ तक जुटाने का फैसला किया है। कंपनी ने इसके लिए 'ड्राफ्ट लेटर ऑफ ऑफर' को मंजूरी दे दी है, जिसे अब BSE के पास अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
राइट्स इश्यू मौजूदा निवेशकों को कंपनी के साथ जुड़ने का एक मौका देता है। यदि आप शेयरधारक हैं, तो आपको कंपनी के नए शेयर खरीदने का मौका मिलेगा। यह कंपनी के लिए फंड जुटाने का एक जरिया है, लेकिन इसमें इक्विटी डाइल्यूशन का जोखिम भी होता है।
अब आगे क्या?
फिलहाल कंपनी ने एनटाइटलमेंट रेशियो (Entitlement Ratio), इश्यू प्राइस और रिकॉर्ड डेट का खुलासा नहीं किया है। इन्हीं आंकड़ों से तय होगा कि निवेशकों को कितने शेयर मिलेंगे और उन्हें कितनी पूंजी लगानी होगी।
किन बातों का रखें ध्यान?
इन्वेस्टर्स को अब BSE में होने वाली अगली फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए। सबसे जरूरी है 'रिकॉर्ड डेट' का पता चलना, क्योंकि वही तय करेगा कि कौन राइट्स इश्यू के लिए पात्र है। साथ ही, राइट्स इश्यू का प्राइस मार्केट रेट से कितना सस्ता होगा, यह भी एक बड़ा सवाल है जो भविष्य में तय होगा।
