CreditAccess Grameen ने विदेशी बाजारों से **$175 मिलियन** का सोशल लोन जुटाकर अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत कर लिया है। RBI के नियमों के तहत हुए इस सौदे से कंपनी के कुल कर्ज में विदेशी हिस्सेदारी **24%** तक पहुंच गई है।
विदेशी फंडिंग का दम
CreditAccess Grameen ने सफलतापूर्वक एक सिंडिकेटेड सोशल लोन फैसिलिटी को क्लोज किया है। यह ट्रांजेक्शन RBI के 'ऑटोमैटिक रूट' के तहत पूरा किया गया है। इस डील को Standard Chartered और DBS Bank ने लीड किया है, जिसमें एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के 10 बड़े फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस ने हिस्सा लिया है।
क्यों खास है यह डील?
यह कंपनी की पिछले 5 सालों में 5वीं सफल ECB सिंडिकेशन है। इस फंडिंग के बाद विदेशी कर्ज अब कंपनी की कुल लायबिलिटी का करीब 24% हो गया है। कंपनी अब तक कुल $640 मिलियन विदेशी कर्ज के जरिए जुटा चुकी है।
डोमेस्टिक मार्केट पर भी नजर
केवल विदेशी कर्ज ही नहीं, कंपनी अपनी घरेलू फंडिंग को भी तेजी से बढ़ा रही है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹940 करोड़ जुटाए हैं। मैनेजमेंट का मुख्य फोकस फंडिंग कॉस्ट को घटाना और स्टेबल एसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट (ALM) बनाए रखना है ताकि लॉन्ग-टर्म में उधार देने का कारोबार बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
