CreditAccess Grameen ने NCD के जरिए बाजार से ₹300 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपने लेंडिंग ऑपरेशंस को विस्तार देने के लिए करेगी और इन्हें BSE पर लिस्ट किया जाएगा।
फंड जुटाने की रणनीति
CreditAccess Grameen ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए हैं। इस फंड को दो सीरीज में बांटा गया है। पहली सीरीज में ₹100 करोड़ जुटाए गए हैं, जिसकी अवधि 24 महीने है, वहीं दूसरी सीरीज में ₹200 करोड़ जुटाए गए हैं, जिसकी अवधि 36 महीने तय की गई है। इन पर क्रमशः 9.15% और 9.25% का फिक्स्ड कूपन रेट मिलेगा। इन डिबेंचर्स को BSE Wholesale Debt Market पर लिस्ट किया जाएगा।
सुरक्षा और नियम
ये डिबेंचर्स सीनियर और सिक्योर्ड हैं, जो कंपनी की लिक्विडिटी मैनेजमेंट का हिस्सा हैं। निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, कंपनी ने लोन रिसीवेबल्स पर एक्सक्लूसिव चार्ज रखा है। साथ ही, कंपनी को मूलधन और ब्याज के मुकाबले कम से कम 1 गुना सिक्योरिटी कवर बनाए रखना अनिवार्य है। किसी भी तरह के पेमेंट डिफॉल्ट की स्थिति में 2% प्रति वर्ष की पेनल्टी का प्रावधान भी रखा गया है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों के लिए अब कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो और एसेट क्वालिटी पर नजर रखना जरूरी है। यह फंड कंपनी को रूरल माइक्रो-लेंडिंग सेक्टर में अपनी पकड़ और मजबूत करने में मदद करेगा।
