Coffee Day Enterprises (CDEL) को Securities Appellate Tribunal (SAT) से आंशिक राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने एक बड़ी पेनल्टी को रद्द कर दिया है और दूसरी को आधा कर दिया है, लेकिन साथ ही **₹3,535 करोड़** के फंड डायवर्जन मामले में SEBI को अगले **6 महीने** में नई और विस्तृत जांच पूरी करने का निर्देश दिया है।
पेनल्टी में बदलाव
SAT ने SEBI के साल 2023 के आदेश पर सुनवाई करते हुए कंपनी को बड़ी राहत दी है। ट्रिब्यूनल ने SEBI एक्ट की धारा 15HA के तहत लगाई गई पेनल्टी को पूरी तरह से हटा दिया है। इसके अलावा, डिस्क्लोजर नियमों के उल्लंघन से जुड़ी धारा 15HB के तहत जुर्माना ₹1 करोड़ से घटाकर ₹50 लाख कर दिया गया है।
क्यों है चिंता की बात?
राहत मिलने के बावजूद, निवेशकों के लिए सतर्क रहना जरूरी है। SAT ने SEBI की पिछली जांच को 'अधूरा' और 'कमजोर' बताया है। ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया है कि SEBI को अगले 6 महीने के भीतर ₹3,535 करोड़ की रकम के असली लाभार्थियों (beneficiaries) का पता लगाना होगा, जो कथित तौर पर Mysore Amalgamated Coffee Estates Limited (MACEL) में डायवर्ट किए गए थे।
मामला क्या है?
यह मामला अप्रैल 2018 से जुलाई 2019 के बीच हुए फंड ट्रांसफर से जुड़ा है। कंपनी का कहना है कि ये फैसले तत्कालीन चेयरमैन स्व. वी.जी. सिद्धार्थ ने लिए थे, जिनकी जानकारी बोर्ड को नहीं थी। अब SEBI को इस मामले में गवाहों के बयान दर्ज करने और बैंक अधिकारियों की जांच करने के लिए कहा गया है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि क्या इसमें Insider Trading के नियमों का उल्लंघन हुआ है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
अगले 6 महीने तक कंपनी कानूनी और रेगुलेटरी दायरे में बनी रहेगी। शेयरधारकों को सलाह है कि वे SEBI की नई जांच की रिपोर्ट और MACEL से फंड रिकवरी की प्रक्रिया पर नजर बनाए रखें, क्योंकि भविष्य की कानूनी कार्रवाई इसी जांच के नतीजों पर टिकी है।
