Classic Leasing & Finance ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **70%** बढ़कर **₹150.71 लाख** हो गया है, वहीं नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹111.68 लाख** पर पहुंच गया। हालांकि, ऑडिटर की एक राय ने कंपनी की गारंटियों और निवेशों के मूल्यांकन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Classic Leasing & Finance ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मजबूत वित्तीय प्रदर्शन की घोषणा की है। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले वित्तीय वर्ष के ₹88.57 लाख की तुलना में लगभग 70% बढ़कर ₹150.71 लाख हो गया है। टैक्स के बाद शुद्ध लाभ (Net Profit After Tax) में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के ₹46.17 लाख से बढ़कर ₹111.68 लाख हो गया है। प्रति शेयर आय (EPS) ₹1.54 से बढ़कर ₹2.22 हो गई है।
क्या हुआ?
Classic Leasing & Finance Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी किए। कंपनी ने कुल रेवेन्यू में बड़ी वृद्धि दर्ज की, जो पिछले वर्ष के ₹88.57 लाख से बढ़कर ₹150.71 लाख हो गया। टैक्स पूर्व लाभ (PBT) दोगुना से अधिक होकर ₹111.84 लाख हो गया, और नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी ₹46.17 लाख से बढ़कर ₹111.68 लाख पर पहुंच गया। इस दौरान, कंपनी ने अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए 92,50,000 इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए ₹10.63 करोड़ जुटाए।
क्यों मायने रखता है?
रेवेन्यू और मुनाफे में यह मजबूत वृद्धि शेयरधारकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो बेहतर परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है। प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के माध्यम से पूंजी जुटाना कंपनी के लोन बुक के विस्तार में सहायता करेगा, जो भविष्य की विकास योजनाओं का संकेत देता है। हालांकि, इन सकारात्मक पहलुओं पर कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (statutory auditors) द्वारा उठाई गई महत्वपूर्ण चिंताओं ने थोड़ी छाया डाली है, विशेष रूप से कॉरपोरेट गारंटी और निवेश मूल्यांकन के संबंध में।
