City Union Bank के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए **18%** की शानदार सालाना बढ़ोतरी के साथ **₹1,326 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इसके साथ ही, बैंक ने **1:3** के अनुपात में बोनस शेयर देने और **₹2** प्रति शेयर डिविडेंड (Dividend) देने की भी सिफारिश की है।
City Union Bank ने FY26 में शानदार प्रदर्शन किया, बोनस शेयरों की सिफारिश
City Union Bank का FY 2025-26 के लिए नेट प्रॉफिट ₹1,326 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹1,124 करोड़ की तुलना में 18% अधिक है।
खास बातें
- नेट प्रॉफिट: FY 2025-26 में ₹1,326 करोड़ (पिछले साल ₹1,124 करोड़ था)।
- कुल इनकम: 17% बढ़कर ₹7,909 करोड़ हो गई।
- ऑपरेटिंग प्रॉफिट: 20% की जबरदस्त उछाल के साथ ₹2,014 करोड़ पर पहुंचा।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
मुनाफे में मजबूत ग्रोथ और एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में सुधार, जैसे कि ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) का 1.91% और नेट एनपीए (Net NPA) का 0.68% तक गिरना, बैंक की वित्तीय सेहत में सुधार का संकेत देता है। वहीं, प्रस्तावित बोनस इश्यू (Bonus Issue) और डिविडेंड (Dividend) शेयरधारकों को पुरस्कृत करने की बैंक की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं।
पिछली स्थिति
पिछले वित्तीय वर्ष (FY 2024-25) में, City Union Bank ने ₹1,124 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। तब ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) 3.09% और नेट एनपीए (Net NPA) 1.25% था। बैंक लगातार अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) बढ़ाने पर काम कर रहा है।
अब क्या बदलेगा?
शेयरधारकों को 1:3 के अनुपात में बोनस शेयर इश्यू (Bonus Share Issue) और ₹2 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का सीधा फायदा मिलेगा। बैंक अपनी अधिकृत शेयर पूंजी (Authorized Share Capital) को भी बढ़ाने की योजना बना रहा है। साथ ही, ₹500 करोड़ तक के क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के लिए एक प्रस्ताव भी तैयार है, जो भविष्य की ग्रोथ योजनाओं का संकेत देता है।
ध्यान देने योग्य जोखिम
एक महत्वपूर्ण बात जिस पर नजर रखनी होगी, वह है नेतृत्व में बदलाव। 1 मई, 2026 से डॉ. एन. कामकोडी के रिटायर होने के बाद श्री आर. विजय आनंद्ह एमडी और सीईओ (MD & CEO) का पद संभालेंगे। बैंक को आरबीआई (RBI) से कुछ मामूली नियामक दंड (Regulatory Penalties) भी मिले थे।
आगे क्या देखें
निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि नया प्रबंधन बैंक की रणनीतिक दिशा कैसे तय करता है, खासकर संभावित क्यूआईपी (QIP) फंडरेज़िंग और बेहतर एसेट क्वालिटी मेट्रिक्स को लगातार प्रॉफिटेबिलिटी में बदलने को लेकर।
