City Union Bank के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए 200% का डिविडेंड (₹2 प्रति शेयर) देने को मंजूरी दे दी है। साथ ही, बैंक ₹500 करोड़ तक जुटाने के लिए QIP (Qualified Institutional Placement) लाने की भी योजना बना रहा है।
बोर्ड का बड़ा फैसला: 200% डिविडेंड और ₹500 करोड़ का QIP
City Union Bank के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए 200% का डिविडेंड देने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि हर इक्विटी शेयर पर ₹2 का भुगतान किया जाएगा, जिसका फेस वैल्यू ₹1 है। इसके अलावा, बैंक ने अपनी कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए ₹500 करोड़ तक की राशि Qualified Institutional Placement (QIP) के जरिए जुटाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है।
डिविडेंड पाने के लिए रिकॉर्ड डेट 31 जुलाई, 2026 तय की गई है, और भुगतान 14 अगस्त, 2026 या उसके बाद होने की उम्मीद है। QIP का प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी के लिए आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में पेश किया जाएगा।
क्यों है यह अहम?
यह डिविडेंड घोषणा सीधे तौर पर शेयरधारकों को लाभ पहुंचाएगी, जो बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी और निवेशकों को पुरस्कृत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वहीं, नियोजित QIP का मुख्य उद्देश्य बैंक के कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) को बढ़ाना है, जो भविष्य में लोन देने और रेगुलेटरी नियमों के अनुपालन के लिए बेहद जरूरी है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि QIP से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (stake) में कमी आ सकती है।
आगे क्या?
शेयरधारकों को इस अंतरिम डिविडेंड का फायदा मिलेगा। QIP एक इनेबलिंग रेजोल्यूशन है, जिसका मतलब है कि बैंक इसे आगे बढ़ाने से पहले शेयरधारकों की मंजूरी लेगा। यदि यह मंजूरी मिल जाती है, तो QIP के जरिए फंड जुटाना एक महत्वपूर्ण घटना होगी जिस पर नजर रखी जाएगी।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
₹500 करोड़ के QIP से होने वाले इक्विटी डाइल्यूशन (शेयरों का बंटवारा) की संभावना एक मुख्य चिंता का विषय हो सकती है। यदि QIP आगे बढ़ता है, तो निवेशकों को इसके नियमों और शर्तों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना होगा, क्योंकि यह प्रति शेयर आय (earnings per share) को प्रभावित कर सकता है।
