Citius TransNet Investment Trust ने अपने 10 रोड एसेट्स के मेंटेनेंस के लिए **₹920 करोड़** का कर्ज लेने की योजना बनाई है। इस कदम से शॉर्ट टर्म में निवेशकों को मिलने वाला डिविडेंड बढ़ सकता है, लेकिन लंबी अवधि में रिपेमेंट का बोझ बढ़ेगा।
क्या है कंपनी की नई योजना?
Citius TransNet Investment Trust ने अपने अनitholders से ₹920 करोड़ तक के नए कर्ज को मंजूरी देने की अपील की है। यह फंड मुख्य रूप से FY27 से FY30 के बीच दस रोड प्रोजेक्ट्स के मेजर मेंटेनेंस के लिए इस्तेमाल होगा। ई-वोटिंग की प्रक्रिया 10 अक्टूबर से शुरू होकर 30 अक्टूबर, 2026 तक चलेगी।
निवेशकों पर क्या असर होगा?
इस कदम से कंपनी के नेट डिस्ट्रीब्यूटेबल कैश फ्लो (NDCF) में इन खर्चों को वापस जोड़ा जा सकेगा, जिससे निवेशकों के लिए तुरंत मिलने वाला कैश बढ़ सकता है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना होगा कि यह 11.5 साल का लोन रीपेमेंट साइकल है। इसका मतलब है कि FY38 तक कंपनी की डिस्ट्रीब्यूशन कैपेसिटी पर इसका असर पड़ सकता है।
वोटिंग और नियम
- कट-ऑफ डेट: 2 अक्टूबर, 2026।
- जरूरी बहुमत: प्रस्ताव पास करने के लिए कम से कम 60% वोट पक्ष में होने चाहिए।
- पारदर्शिता: हर मेंटेनेंस खर्च के लिए स्टेट्यूटरी ऑडिटर का सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि SEBI के नियमों का पूरी तरह पालन हो सके।
निवेशकों को अब 30 अक्टूबर के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए, जो तय करेंगे कि कंपनी अपनी बैलेंस शीट को किस दिशा में लेकर जाएगी।
