Cholamandalam Investment and Finance Company ने बाजार से **₹2,000 करोड़** की बड़ी पूंजी जुटाई है। कंपनी ने यह फंड अनसिक्योर्ड परपेचुअल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए हासिल किया है, जिस पर **8.97%** सालाना कूपन रेट तय किया गया है।
बाजार से बड़ी फंडिंग
कंपनी ने 2,000 यूनिट्स के माध्यम से कुल ₹2,000 करोड़ जुटाए हैं। इस इश्यू को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के इलेक्ट्रॉनिक बिडिंग प्लेटफॉर्म (EBP) के जरिए निजी तौर पर प्लेस किया गया था। ये डिबेंचर्स अब NSE के होलसेल डेट मार्केट (WDM) सेगमेंट में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं।
क्यों अहम है यह कदम?
एक NBFC के लिए परपेचुअल डेट का इस्तेमाल कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) को मजबूत करने का एक स्मार्ट तरीका है। चूंकि इन इंस्ट्रूमेंट्स की कोई फिक्स मैच्योरिटी नहीं होती, इसलिए इन्हें अक्सर 'टियर-1 कैपिटल' माना जाता है। इससे कंपनी को अपने लोन बुक को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलती है। 8.97% का कूपन रेट बाजार में कंपनी की साख और वर्तमान ब्याज दरों को दर्शाता है।
निवेश से जुड़ी शर्तें और जोखिम
ये NCDs अनसिक्योर्ड हैं और कंपनी के अन्य सुरक्षित कर्ज के मुकाबले इनका दर्जा बाद में आता है। कंपनी के पास 2 सितंबर 2036 को 'कॉल ऑप्शन' का विकल्प है, जिसके जरिए वे इन सिक्योरिटीज को वापस खरीद (Redeem) सकती है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि परपेचुअल इंस्ट्रूमेंट्स में जोखिम का स्तर सामान्य डेट के मुकाबले ज्यादा होता है, क्योंकि कंपनी पर ब्याज का भुगतान करने की जिम्मेदारी लंबी अवधि तक बनी रहती है।
अब निवेशकों की नजरें आने वाले तिमाही नतीजों पर टिकी होंगी, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फंड का असर कंपनी के कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो पर कैसा पड़ता है।
