Choice International: दमदार नतीजों से निवेशकों को राहत! Q1 में मुनाफा 26% बढ़ा, रेवेन्यू ₹310 करोड़ पार

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Choice International: दमदार नतीजों से निवेशकों को राहत! Q1 में मुनाफा 26% बढ़ा, रेवेन्यू ₹310 करोड़ पार

Choice International ने Q1 FY27 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में **26.37%** की बढ़ोतरी हुई है और यह **₹61 करोड़** रहा। कंपनी के रेवेन्यू में भी **32.04%** का शानदार उछाल आया है, जो **₹310 करोड़** तक पहुंच गया। यह ग्रोथ खासकर कंपनी के डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस की वजह से आई है।

Choice International के Q1 FY27 के नतीजे

PAT ₹61 करोड़; रेवेन्यू ₹310 करोड़

क्या हुआ?

Choice International ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने ₹61 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान तिमाही (Q1 FY26) के ₹48 करोड़ की तुलना में 26.37% की बड़ी वृद्धि है।

ऑपरेशन्स से होने वाली आय (Revenue) में भी साल-दर-साल 32.04% की मजबूत बढ़ोतरी देखी गई, जो Q1 FY27 में ₹310 करोड़ तक पहुंच गई। यह पिछले साल की Q1 FY26 के ₹235 करोड़ से काफी ज्यादा है। कंपनी की कुल आय 34.07% बढ़कर ₹319 करोड़ हो गई।

इस तिमाही के लिए EBITDA ₹114 करोड़ रहा, जो Q1 FY26 के ₹87 करोड़ से 31.38% ज्यादा है। EBITDA मार्जिन 35.75% दर्ज किया गया।

यह क्यों मायने रखता है?

ये नतीजे Choice International के लिए एक पॉजिटिव ग्रोथ की ओर इशारा करते हैं। कंपनी का डाइवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल, जिसमें ब्रोकिंग, एडवाइजरी और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सर्विसेज शामिल हैं, इसके प्रदर्शन को बढ़ावा दे रहा है। कंपनी के पास एक बड़ा एडवाइजरी ऑर्डर बुक और बढ़ता हुआ NBFC लोन बुक भविष्य में रेवेन्यू और प्रॉफिट जेनरेट करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।

बैकस्टोरी

Choice International एक फाइनेंशियल सर्विसेज ग्रुप है। कंपनी NBFC सेक्टर में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और अपनी एडवाइजरी क्षमताओं का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। NH Investment & Securities के साथ हालिया रणनीतिक साझेदारी जैसी पहलें इसके ग्रोथ प्लान्स और कैपिटल बेस को मजबूत करने के लक्ष्य में हैं।

आगे क्या?

एक मजबूत ऑर्डर बुक और बढ़ते लोन बुक के साथ, कंपनी लगातार विस्तार के लिए तैयार है। निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि कंपनी अपने कैपिटल को कितनी प्रभावी ढंग से डिप्लॉय करती है और अपने एडवाइजरी ऑर्डर्स का लाभ उठाती है। ब्रोकिंग बिजनेस का स्केल-अप (scale-up) भी देखने लायक मुख्य क्षेत्र बना रहेगा।

जोखिम

हालांकि मौजूदा नतीजे मजबूत हैं, फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, NBFCs को प्रभावित करने वाले रेगुलेटरी बदलाव और एडवाइजरी ऑर्डर बुक को अनुमानित समय-सीमा और लाभप्रदता के भीतर सफलतापूर्वक पूरा करने जैसी चुनौतियां मौजूद हैं।

संदर्भ मेट्रिक्स (समय-आधारित)

  • एडवाइजरी ऑर्डर बुक: ₹777 करोड़ (₹7.77 बिलियन)
  • NBFC लोन बुक: ₹836 करोड़ (₹8.36 बिलियन)
  • Q1 FY27 रेवेन्यू: ₹310 करोड़
  • Q1 FY27 PAT: ₹61 करोड़

आगे क्या ट्रैक करें

निवेशकों को कंपनी की अपनी एडवाइजरी ऑर्डर बुक को रेवेन्यू में बदलने की प्रगति, NBFC लोन बुक की ग्रोथ और एसेट क्वालिटी, और ब्रोकिंग सेगमेंट के समग्र प्रदर्शन पर नज़र रखनी चाहिए। रणनीतिक साझेदारियों और कैपिटल डिप्लॉयमेंट पर अपडेट भी महत्वपूर्ण होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.